स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से विकास कार्य समीक्षा में प्रदेश में गाजियाबाद की रैंकिंग नीचे आ सकती है। टीकाकरण के ऑनलाइन अपडेशन में पिछड़ने के साथ ही कई अन्य योजनाएं की गति भी विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से धीमी है।स्वास्थ्य विभाग को नियमित टीकाकरण का डाटा ऑनलाइन अपडेट करना होता है।
ऑनलाइन अपडेशन से शासन टीकाकरण योजना पर निगाह रख सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने अब तक महज 14.06 प्रतिशत डाटा ही ऑनलाइन अपडेट किया है जबकि प्रदेश में महज 29.11 प्रतिशत डाटा ही अपडेट किया गया है। इस वजह से विकास कार्य समीक्षा में गाजियाबाद की रैंकिंग गिर सकती है। फिलहाल गायिजाबाद तीसरे नंबर पर काबिज है।
इतना ही नहीं पीएनडीटी एक्ट के तहत पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्रों का निरीक्षण भी स्वास्थ्य विभाग ने नहीं किया है। 272 अल्ट्रासाउंड सेंटर में से सिर्फ 132 का ही निरीक्षण हुआ है। 13 केंद्रों का पंजीकरण निरस्त किया गया है। वित्तीय वर्ष पूरा होने में महज तीन माह ही बचे हैं, जिसका असर विकास कार्य समीक्षा पर पड़ना तय है।
सीएमओ डा. अजेय अग्रवाल ने बताया कि स्टाफ की कमी की वजह से ऑनलाइन अपडेशन में दिक्कत आई। फिलहाल, व्यवस्था होने के साथ ही इस महीने से कार्य में तेजी आ गई है। इसके साथ ही अल्ट्रासाउंड केंद्रों का निरीक्षण गहनता से किया जा रहा है।