गाजियाबाद। बढ़े हुए हाउस टैक्स को लेकर चल रहे विरोध के बीच नगर निगम बोर्ड बैठक में शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। टैक्स वृद्धि का विरोध करते हुए निर्दलीय पार्षद धीरेंद्र यादव ने महापौर को इस्तीफा सौंप दिया। बैठक का पहला सत्र पूरी तरह हाउस टैक्स के मुद्दे पर केंद्रित रहा। कई पार्षदों ने टैक्स वृद्धि का विरोध करते हुए इसे कम करने की मांग की। विरोध के दौरान सदन में तीखी नोकझोंक भी हुई।
हंगामे के बीच नगर निगम ने करदाताओं को कुछ राहत देने के प्रस्ताव पारित किए। अब शहर में घर से कूड़ा पृथक करने वाले लोगों को हाउस टैक्स में 10 प्रतिशत और ऑनलाइन भुगतान करने पर एक के बजाय दो प्रतिशत की छूट मिलेगी। इसके अलावा पुराने मकानों को उनकी आयु के आधार पर टैक्स में राहत देने का प्रस्ताव भी पास किया गया है।
महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि इन छूटों से आम लोगों को राहत मिलेगी और बढ़े हुए हाउस टैक्स का बोझ कुछ कम होगा। उन्होंने बताया कि टैक्स में और कमी के लिए शासन को भी प्रस्ताव भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद करदाताओं को अतिरिक्त राहत मिल सकती है। शहर में करीब 4.80 लाख करदाता हाउस टैक्स के दायरे में आते हैं।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि छूट लागू होने के बाद नए हाउस टैक्स का प्रभाव अधिकतम पौने दो गुना तक ही रहेगा। पुराने मकानों पर मिलने वाली छूट जल्द लागू की जाएगी, जबकि कूड़ा पृथक करने और ऑनलाइन भुगतान की छूट एक अप्रैल से लागू होगी।
इस बीच टैक्स के विरोध में चल रहा अवधेश शर्मा का आमरण अनशन भी समाप्त हो गया। सदन में इस्तीफा देने वाले पार्षद धीरेंद्र यादव ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। अवधेश शर्मा ने बताया कि दोपहर के समय पुलिस की टीम उन्हें अपने साथ घंटाघर कोतवाली ले गई थी। इसके अलावा बजट और दुकानों का किराया कम करने का प्रस्ताव पारित किया गया।