दो माह पूर्व दोनों ने प्रेम प्रसंग के चलते नौकरी छोड़ दी। दोनों ने एक साथ देशभर में घूमने की योजना बनाई। दोनों ने घूमने के लिए कार लूटने का प्लान बनाया। मुस्कान ने वेबसाइट से ओला कैब चालक का नंबर लेकर मोदीनगर से बरेली जाने की बात कही और 10 दिसंबर की दोपहर को कैब बुला ली। कैब में अभिमन्यु के दोस्त करन उर्फ रवि निवासी माल झुग्गी इंद्रापुरम और रितिक निवासी हनुमानपुरी मोदीनगर भी सवार हो गए। जबकि अभिमन्यु अपने दोस्त की कार में सवार होकर कैब के पीछे-पीछे चल पड़ा। रास्ते में मुस्कान ने कैब चालक को बताया कि एक साथी गांव मछरी मोदीनगर जाएगा उसे छोड़कर वह बरेली के लिए निकलेंगे।
सुनसान रास्ते पर मुस्कान ने चालक अर्जुन की गर्दन पर चाकू रख दिया और कार से नीचे उतरने को कहा। रितिक और करन ने चालक को कार से नीचे उतारा और बंधक हाथ पैर बांधकर जंगल में छोड़ दिया और कार लेकर फरार हो गए। पीछे-पीछे चल रहे अभिमन्यु ने मुस्कान को लूटी गई कार से उतारा और अपनी कार में बैठा लिया। रास्ते में लूटी गई कार की नंबर प्लेट बदलकर मथुरा घूमने चले गए। जहां से पुलिस ने मुस्कान, अभिमन्यु और करन उर्फ रवि को गिरफ्तार कर लिया है।
पापा को दिखाना चाहती थी लग्जरी जिंदगी
सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि पूछताछ में लूट की आरोपी मुस्कान ने बताया कि वह मूलरूप से श्रीनगर की रहने वाली है। उसकी मां एक एक्सपोर्ट कंपनी में सिलाई का काम करती है, दोनों मां बेटी किराये के मकान में मोदीनगर में रहते हैं जबकि उसके पिता और भाई श्रीनगर में ही रहते हैं। पिता श्रीनगर में नाई का काम करते है। मुस्कान को अभिमन्यु ने अच्छी नौकरी का झांसा देकर पुरानी नौकरी छुड़वा दी। जब तक नौकरी लगे तब तक घूमने का प्लान बनाया था। मुस्कान लूटी गई कार से श्रीनगर जाना चाहती थी और अपनी पसंद अभिमन्यू से भी मिलाना चाहती थी। साथ ही कार व नौकरी होने की बात कहकर पिता और भाइयों को अभिमन्यु के प्रति प्रभावित करना चाहती थी।
लूट और बुकिंग करने वाले मोबाइल से पकड़े
भोजपुर पुलिस टीम ने घटना के मात्र 40 घंटों के अंतराल में ही खुलासा कर दिया। मुस्कान ने जिस मोबाइल से ओला कैब बुक की थी उसे अपने साथ ही रखा। इसके बाद चालक से लूटा गया मोबाइल का सिम निकालकर फेंक दिया और बंद कर अपने पास ही रख लिया। इतना ही नहीं आरोपियों ने लूटी गई कार की नंबर प्लेट तो बदल दी थी लेकिन इसमें जीपीएस भी लगा है, इसका उन्हें अंदाजा भी नहीं था।