जीआरपी सीओ सुदेश गुप्ता ने बताया कि मध्यप्रदेश के छतरपुर के लोकसनगर के गांव पटनाखोड़ा निवासी दीपक मसूरी में दो साल से रह रहे हैं। वह आगरा जाने के लिए अपनी पत्नी व चार माह की बेटी के साथ नौ दिसंबर की रात को गाजियाबाद स्टेशन पहुंचे थे। आगरा की कोई ट्रेन रात में नहीं आई तो वह स्टेशन पर ही सो गए। सुबह वह शराब खरीदने के लिए स्टेशन से बाहर आ गए। ठेके से उन्होंने शराब खरीदी।
इसी दौरान वहां एक अजनबी आया। उसने उनके साथ बैठकर शराब पी। फिर दीपक से पूछा कि वह कहां जाएंगे। आगरा जाने की बात सुनकर उसने भी आगरा जाने के लिए कह दिया। फिर वह दोनों स्टेशन पर वहां पहुंच गए, जहां चार माह की बेटी के साथ दीपक की पत्नी बैठी हुई थी। आरोपी चार घंटे तक उनके पास रहा। घर, परिवार और अन्य जानकारी ली। इसी दौरान जब उनकी पत्नी शौच के लिए गईं और वह बैठकर खाना खा रहे थे तभी चार माह की बेटी को उसने खिलाने के बहाने उठा लिया।
वह शुरुआत में वहां आसपास टहलता रहा। फिर उनकी बेटी को लेकर चला गया। आधा घंटे में उनकी पत्नी भी आ गई। इसके बाद उन्होंने युवक को खोजा तो वह नहीं मिला। इसकी शिकायत दोपहर बाद दंपती ने जीआरपी को दी। जीआरपी की टीम ने बच्चे की तलाश के लिए चेकिंग बढ़ाई लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।सीसीटीवी फुटेज पुलिस ने खंगाला। आरोपी ने बातचीत के दौरान दीपक को अपना नाम विकास बताया है। पुलिस को आरोपी के स्थानीय होने का शक है। इस मामले में शराब विक्रेता समेत दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
बच्चा चोरी गैंग पर शक
पांच अगस्त को घंटाघर कोतवाली स्थित एमएमजी अस्पताल से चार माह के बच्चे को चोरी कर लिया गया था। इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। जिस मकान में दंपती किराये पर रहते थे, उसके मालिक ने गिरोह के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया था। आरोपियों ने दिल्ली के दंपती को बच्चो पांच लाख में बेचा था। पुलिस इस मामले को भी उसी गिरोह से जोड़कर देख रही है। कोतवाली पुलिस के संपर्क में आकर पुलिस जांच कर रही है कि उस गिरोह के जुड़े लोग बाहर है या जेल में।