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यूपी में बलराम ठाकुर का एनकाउंटर: पत्नी संग बर्बरता...साले का कत्ल कर बना गैंगस्टर; पहनता था बुलेट प्रूफ जैकेट

Sun, 21 Sep 2025 03:36 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

गाजियाबाद में कारोबारियों को कॉल कर खुद को अनिल दुजाना का गुरु बताकर रंगदारी मांगने वाले 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश बलराम ठाकुर को स्वॉट और वेव सिटी पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर किया। इसमे एडीसीपी अपराध पीयूष सिंह और स्वॉट टीम प्रभारी अनिल राजपूत की बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लगी। 
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UP Encounter - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बुलंदशहर के जहांगीराबाद के हिस्ट्रीशीटर बलराम ठाकुर ने वर्ष 1997 में अपनी पत्नी के साथ बर्बरता कर उसके नाजुक अंगों को लहूलुहान कर दिया था। डिबाई निवासी रिश्तेदारों ने जब विरोध किया तो उन पर गोली चला दी थी। 
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जेल से छूटने के बाद बलराम ठाकुर ने सबसे पहले डिबाई मंडी में आढ़त करने वाले साले की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने जहांगीराबाद के व्यापारियों से जेल से रंगदारी वसूलनी शुरू कर दी थी। मोहल्ला रोगनग्राम निवासी बलराम ठाकुर के खिलाफ जहांगीराबाद थाने में लूट, हत्या और रंगदारी के मुकदमे दर्ज हैं।

25 बीघा जमीन के मालिक बलराम ठाकुर की शादी डिबाई क्षेत्र निवासी युवती से हुई थी। शराब पीकर पत्नी से अत्याचार करने के आदी बलराम ठाकुर ने उसके नाजुक अंगों से बर्बरता की थी। मौके पर पहुंचे इसके रिश्तेदारों ने विरोध जताया तो उन पर गोली चला दी। 
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डिबाई मंडी में जाकर की थी साले की हत्या
ससुराल वाले अपनी बहन को अपने घर ले गए। रिश्तेदारों पर गोली चलाने के आरोप में वह पहली बार जेल गया और जमानत पर जेल से छूटते ही डिबाई मंडी में जाकर अपने साले की हत्या कर दी। बलराम ठाकुर के साथ-साथ इसका भाई नीरज ठाकुर जो उस समय नाबालिग था को भी आढ़ती की हत्या का दोषी बनाया गया था। 

 

बलराम ठाकुर की वर्ष 2013 में सजा हुई थी पूरी
हत्या के मामले में दोनों भाई जेल गए। वर्ष 2011 में दोनों भाइयों को सजा हुई। सजायाफ्ता नीरज को पैरोल पर छोड़ दिया गया, जबकि बलराम ठाकुर की वर्ष 2013 में सजा पूरी हुई। इसके बाद वह अनिल दुजाना के संपर्क में आया और जेल में बैठ कर लोगों से रंगदारी मांगने का गोरखधंधा चलाने लगा था।

जहांगीराबाद थाने में बलराम ठाकुर के खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी, डकैती और षड़यंत्र रचने की धाराओं सहित 19 मुकदमे दर्ज हैं। जनपद बुलंदशहर में खौफ का अभिप्राय बने बलराम ठाकुर का जहांगीराबाद में विरोध होने लगा। वर्ष 1997 से 2025 तक वह 20 से अधिक बार जेल गया। 

 

रंगदारी वसूलने लगा था बलराम
पांच माह पूर्व ही अलीगढ़ के क्वार्सी थाना क्षेत्र में रंगदारी के मामले में जेल से छूटा था। इसके बाद इसने गौतमबुद्धनगर को अपना ठिकाना बनाया और लोगों को भयभीत कर रंगदारी वसूलने लगा। गत दिनों इसने मसूरी थाना क्षेत्र के एक ट्रांसपोर्टर से 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। 

 

जुलाई 2025 में बलराम और इसके साथियों ने ट्रांसपोर्टर का अपहरण कर लिया था। ट्रांसपोर्टर को दुजाना गांव में बंधक बनाकर रखा गया। दो दिन बाद दो लाख रुपये और 15 तोला सोना लेकर ट्रांसपोर्टर को मुक्त किया गया।

कारोबारियों से रंगदारी मांगने वाला 50 हजार रुपये का इनामी मुठभेड़ में ढेर
गाजियाबाद में कारोबारियों को कॉल कर खुद को अनिल दुजाना का गुरु बताकर रंगदारी मांगने वाले 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश बलराम ठाकुर को स्वॉट और वेव सिटी पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर किया। इसमे एडीसीपी अपराध पीयूष सिंह और स्वॉट टीम प्रभारी अनिल राजपूत की बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लगी। 

 

इस मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। यह मुठभेड़ शनिवार रात वेव सिटी थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस के अनुसार बलराम पर 34 आपराधिक मामले अलग-अलग थानों में दर्ज हैं।17 सितंबर की रात को बलराम यादव ने मदन स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट के मालिक ब्रह्मपाल यादव को फोन कर 50 लाख रुपये रंगदारी मांगी। इसके तीन मिनट बाद ही लोहा कारोबारी अभिषेक गोयल से 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। 
 

न देने पर परिवार सहित हत्या की धमकी दी। देर शाम स्वॉट टीम ने बलराम यादव को मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया है। सूचना पर मुठभेड़ स्थल पर पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड़ पहुंचे और टीम से जानकारी ली। बता दें, वर्ष 2024 में पुलिस मुठभेड़ में कुख्यात अनिल दुजाना को भी ढेर किया था।

 

पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड ने बताया कि शनिवार की शाम करीब आठ बजे सूचना मिली कि डासना रघुनाथपुर रोड पर पैरीफेरल अंडरपास के निकट कच्चे रास्ते पर एक ग्रे कलर की बलेनो कार में बदमाश रंगदारी वसूलने के लिए खड़ा है। 

क्राइम ब्रांच और वेव सिटी पुलिस मौके पर पहुंची। एडीसीपी अपराध पीयूष सिंह भी उनके साथ थे। पुलिस को देखते ही कार सवार बदमाश ने टीम पर फायर कर दिए। इसमें एडीसीपी, स्वॉट प्रभारी को गोली लगी, लेकिन बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होने के कारण बाल बाल बच गए। 

 

वहीं बदमाश की गोली हेड कॉन्स्टेबल मनोज कुमार, वरुण और विशाल राठी बदमाश की गोल गोली से घायल हो गए। जवाबी कार्यवाही में बदमाश को गोली लगी। घायल बदमाश को संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल लेकर जहां गया, जहां उसकी मौत हो गई। बदमाश की पहचान बलराम ठाकुर पुत्र श्याम सिंह निवासी मोहल्ला रोगन ग्राम थाना जहांगीराबाद जनपद बुलंदशहर के रूप में हुई।

ट्रांपोर्टर को बनाया दुजाना में बंधक, रंगदारी लेकर छोड़ा
पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड ने बताया कि जुलाई 2025 में मसूरी क्षेत्र एक ट्रांसपोर्टर से बलराम ठाकुर ने 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। न देने पर बलराम और इसके साथियों ने ट्रांसपोर्टर का अपहरण कर लिया। ट्रांसपोर्टर को दुजाना गांव में बंधक बनाकर रखा गया। दो दिन बाद दो लाख रुपये और 15 तौला सोना लेकर ट्रांसपोर्टर को मुक्त किया गया। इसके साथ ही मिष्ठान भंडार संचालक और लोहा कारोबारी से रंगदारी मांगी।

 

बुलेट प्रूफ जैकेट पहनता था कुख्यात
बलराम ठाकुर की कार से बुलेट प्रूफ जैकेट, एक मेड इन चाइना पिस्टल, एक इंग्लिश रिवाल्वर, एक पिस्टल, कारतूस, मोबाइल फोन और 10 हजार 350 रुपये बरामद किए गए हैं। जे. रविंदर गौड ने बताया कि आपराधिक गतिविधियों से अर्जित की गई सम्पत्ति की जांच भी की जा रही है।
 
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बलराम ठाकुर जहांगीराबाद का हिस्ट्रीशीटर बदमाश था। जिले में कई लोगों को रंगदारी की धमकी दी थी।-सुरेंद्र नाथ तिवारी, डीसीपी ग्रामीण।
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