17 सितंबर की रात को बलराम यादव ने मदन स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट के मालिक ब्रह्मपाल यादव को फोन कर 50 लाख रुपये रंगदारी मांगी। इसके तीन मिनट बाद ही लोहा कारोबारी अभिषेक गोयल से 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। न देने पर परिवार सहित हत्या की धमकी दी। शनिवार की देर शाम स्वॉट टीम ने बलराम यादव को मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया है। सूचना पर मुठभेड़ स्थल पर पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड़ पहुंचे और टीम से जानकारी ली। बता दें, वर्ष 2024 में पुलिस मुठभेड़ में कुख्यात अनिल दुजाना को भी ढेर किया था।
पुलिस सूत्रों की मानें तो शनिवार की शाम वह रंगदारी वसूलने डासना आया था। सूचना पर स्वॉट टीम ने उसे घेर लिया और सरेंडर करने को कहा। आरोप है कि बलराम ने मेड इन चाइना पिस्टल से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और कार से भागने लगा। टीम की जवाबी कार्रवाई में बलराम को दो गोली लगी। उसे घायलावस्था में अस्पताल ले जाया गया। जहां उसे मृत बताया गया। बलराम के पास से दो पिस्टल, एक रिवाल्वर, बलेनो कार बुलेट प्रूफ जैकेट और कुछ नकदी व कारतूस बरामद किए गए हैं।
जहांगीराबाद का हिस्ट्रीशीटर है कुख्यात
जनपद बुलंदशहर के जहांगीराबाद थाने का बलराम ठाकुर हिस्ट्रीशीटर है। जहांगीराबाद थाने में उसके खिलाफ 11 मुकदमे दर्ज हैं। सूत्रों की मानें तो बलराम जेल में बैठकर गिरोह का संचालन करता था। हत्या, रंगदारी और लूट के मामलों में इसके खिलाफ साजिश रचने के पांच मुकदमे दर्ज हैं। इसके परिवार में एक छोटा भाई जो ट्रक चालक है और वृद्ध मां है। गत दिनों अलीगढ़ जेल से छूटने के बाद वह रंगदारी और लूट की घटनाओं को अंजाम देने लगा था।
डासना में रंगदारी वसूलने आए कुख्यात बलराम ठाकुर को स्वॉट और वेव सिटी पुलिस ने सरेंडर करने की चेतावनी दी लेकिन उसने टीमों पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में बदमाश को गोली लगी और उसकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम हाऊस भेजा गया है। -आलोक प्रियदर्शी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध।