बुलंदशहर में सावित्री हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि पति नरेश ने करीब 40 दिन से अपना फोन बंद किया हुआ था।
पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के खानपुर थाना इलाके के गांव खिदरपुर स्थित इंटर कॉलेज में अपनी बेटी को 10वीं की परीक्षा दिलाने प्रेमी सरजीत के साथ आई महिला सावित्री पर उसके पति और देवर ने फायरिंग कर दी। वारदात में महिला की मौत हो गई। जबकि, प्रेमी गंभीर रूप से घायल हो गया।
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पुलिस ने मामले की जांच की तो सामने आया है कि महिला सावित्री की हत्या की साजिश पति नरेश पिछले कई दिनों से रच रहा था। पुलिस ने वारदात के बाद जब जांच शुरू की तो पाया कि नरेश ने करीब 40 दिन से अपना फोन बंद किया हुआ था।
पुलिस को अंदेशा है कि वह कोई नया नंबर इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सावित्री के प्रेमी सरजीत का उपचार चल रहा है।
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सोमवार सुबह खानपुर थाना क्षेत्र के गांव खिदरपुर में हुई वारदात के राजफाश के लिए पुलिस की तीन टीमें लगी हुई हैं। पुलिस ने मृतका सावित्री के पुत्र अक्षांशु की तहरीर पर आरोपी पिता नरेश निवासी गंगहारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
प्रेमी के साथ खेत में बैठी थी सावित्री
पुलिस ने प्रारंभिक जांच की तो सामने आया कि सावित्री अपने प्रेमी सरजीत के साथ नोएडा से पुत्र अक्षांशु और पुत्री खुशी को पेपर दिलाने के लिए खिदरपुर स्थित इंटर कॉलेज आई थी। बच्चों को स्कूल छोड़ने के बाद दोनों वहां से करीब आठ सौ मीटर दूर एक खेत में बैठे हुए थे। तभी अचानक बाइक लेकर वहां पहुंचे सावित्री के पति नरेश ने सावित्री की कनपटी से सटाकर गोली मार दी। जिससे उसकी मौत हो गई।
गोली मारकर फरार हो गया आरोपी
गोली चलते ही सरजीत वहां से भागने की कोशिश करने लगा लेकिन नरेश ने उस पर भी दो फायर झोंक दिए। गोली की आवाज सुनकर लोगों को एकत्र होते देख आरोपी वहां से बाइक लेकर लखावटी की ओर भाग निकला। पुलिस की पीआरवी ने भी उसका पीछा किया लेकिन आरोपी खेतों की पगडंडियों से होकर भाग गया। पुलिस ने बेटे अक्षांशु से उसका नंबर लेकर अपनी जांच आगे बढ़ाई।
बल्लभगढ़ से आई बहन.. शव ले गई साथ
सावित्री की मौत के बाद उसके शव का मंगलवार सुबह तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका। सुबह उसकी बल्लभगढ़ निवासी बहन के आने के बाद पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और शव पोस्टमार्टम के बाद उन्हें सौंप दिया। वह शव को लेकर बल्लभगढ़ चली गईं। उनके साथ मृतका के पुत्र व पुत्री भी चले गए। बताया गया कि सावित्री के मायके में भाई और पिता नहीं है। वहीं नौ माह पूर्व ससुराल से चले जाने के बाद ससुराल वालों ने भी शव लेने से इन्कार कर दिया।
नरेश को उसके पिता भी करना चाहते थे बेदखल
पत्नी और बच्चों के चले जाने के बाद नरेश परिवार में अकेला हो गया था। उसका बड़ा भाई अपनी ससुराल में रहता है। जबकि, मां की मृत्यु हो चुकी है और पिता घर पर रहते हैं। बताया गया कि नरेश के पिता भी उसे बेदखल करना चाहते थे। पिछले काफी समय से नरेश के व्यवहार में काफी बदलाव आ गया था। वह सावित्री और सरजीत दोनों की हत्या करना चाहता था।
मामले में मृतका के पुत्र की तहरीर पर आरोपी नरेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। उसका फोन बंद जा रहा है। जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। - श्लोक कुमार, एसएसपी