शहर के लोगों को जल्द ही बिजली की समस्या से निजात मिल जाएगी। इंदिरापुरम के सीआइएसएफ कैंपस में 400 केवी सबस्टेशन का प्रस्तावित टावर का काम जल्द ही शुरू हो जाएगा।
इसे लेकर बृहस्पतिवार को केंद्रीय मंत्री और सांसद वीके सिंह ने एनएचएआई, विद्युत निगम और सीआईएसएफ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अफसरों के साथ कैंपस में ही दूसरी जगह टावर लगाने के विकल्पों पर चर्चा की।
काला पत्थर पर बन रहे 400 केवी सबस्टेशन के लिए बिछाई जा रही ट्रांसमिशन लाइन का एक टावर सीआएसएफ कैंपस में लगना है। विद्युत निगम ने सीआइएसएफ कैंपस में टावर लगाने के लिए जो जगह चिन्हित की है उस जगह पर स्कूूल बना हुआ है।
इसकी वजह से टावर लगने का काम शुरू नहीं हो पा रहा। सबस्टेशन शुरू होने में हो रही देरी को देखते हुए सांसद वीके सिंह ने सीआइएसएफ, विद्युत निगम और एनएचएआई अधिकारियों के साथ बैैठक की गई है।
इसमें टॉवर को दूसरी जगह शिफ्ट करने के विकल्प पर चर्चा की गई है। सांसद वीके सिंह ने बताया कि टावर को स्कूल से कुछ दूरी पर शिफ्ट करने पर विचार हुआ है। जमीन का निरीक्षण भी किया गया है।
जगह चिन्हित कर सभी अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। तीनों विभाग की तरफ से कागजी कार्रवाई पूरा होने के बाद टॉवर लगाने का काम जल्द ही शुरू हो जाएगा। विद्युत निगम के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि टावर लगने के बाद गाजियाबाद में बिजली की समस्या खत्म हो जाएगी।
- टॉवर की वजह से सबस्टेशन शुरू होने में हो रही देरी
काला पत्थर स्थित बन रहे 400केवी सबस्टेशन को मई 2016 में शुरू होना था। सीआइएसएफ कैंपस में टॉवर नहीं लगने की वजह से सबस्टेशन शुरू नहीं हो पा रहा है। जबकि सबस्टेशन में कंट्रोल रूप निर्माण के अलावा बिजली सप्लाई के लिए 60 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर भी लगा दिए गए है।
इसके साथ ही डिस्ट्रीब्यूशन विभाग ने भी 400 केवी सबस्टेशन तक लाइन बिछाने का काम भी पूरा कर लिया है। सिर्फ ट्रांसमिशन से सप्लाई नहीं मिलने के चलते यह शुरू नहीं हो पा रहा।
- क्या है मामला
काला पत्थर सबस्टेशन को हापुड़ स्थित हाइब्रिड सबस्टेशन से बिजली मिलनी है। इसके लिए हापुड़ से काला पत्थर तक एचटी लाइन के लिए टॉवर खड़े किए जा रहे है। एक टॉवर सीआएसएफ कैंप में लगाया जाना है।
इसके लिए पावर कारपोरेशन ने सीआईएसएफ अधिकारियों से अनुमति मांगी लेकिन सुरक्षा कारणों के चलते अधिकारियों ने अनुमति नहीं दी। इसके बाद पावर कारपोरेशन के अधिकारियों मामले को स्थानीय सांसद वीके सिंह के सामने रखा।
उन्होंने गृहमंत्रालय से बात कर टॉवर लगने की परमिशन दिलाई। टॉवर लगने वाली जगह पर स्कूल बना होने के कारण मामला फिर से अटक गया। जिसकी वजह से काम शुरू नहीं हो सका।