यूपी की बसपा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे अंटू मिश्रा ने खुद को और अपने माता-पिता को गिरफ्तारी से बचाने के लिए 13.5 करोड़ रुपये सीबीआई कोर्ट में जमा करा दिए। अंटू ने यह रकम दो बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से जमा कराई है। यह ड्राफ्ट आईडीबीआई की कानपुर शाखा से बनवाए गए हैं।
यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे अनंत कुमार मिश्रा उर्फ अंटू मिश्रा के खिलाफ एनआरएचएम घोटाले में सीबीआई ने 21 जुलाई को गाजियाबाद विशेष कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में अंटू मिश्रा के साथ उनके पिता दिनेशचंद्र मिश्रा और माता विमला मिश्रा का भी नाम शामिल है।
सीबीआई का आरोप है कि कैबिनेट मंत्री पद पर रहते हुए अंटू ने दवा कारोबारियों से 15-20 लाख रुपये की रिश्वत लेकर सीएमओ (परिवार कल्याण) के पदों की बंदरबांट की थी। ट्रांसफर-पोस्टिंग का यह खेल इसलिए खेला गया ताकि दवा कारोबारी एनआरएचएम के तहत मनमाने रेट पर दवा और मेडिकल उपकरण सरकारी अस्पतालों में सप्लाई करने का ठेका हासिल कर सकें।
सीबीआई का आरोप है कि 2007 से लेकर 2011 तक अंटू मिश्रा ने इस तरह से करीब 27 करोड़ रुपये हासिल किए। 27 करोड़ की इस काली कमाई को अंटू मिश्रा ने अपने माता-पिता के नाम सिर्फ कागजों पर ही बनाई गई फर्जी कंपनियों के माध्यम से ‘व्हाइट मनी’ में बदला था।
इस चार्जशीट पर सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने 23 अगस्त को संज्ञान लेते हुए तीनों के एनबीडब्ल्यू जारी किए थे। एनबीडब्ल्यू जारी करते हुए कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 23 सितंबर तक कोर्ट में पेश होनेे का आदेश दिया था।
इसके बावजूद तीनों में से कोई भी कोर्ट में पेश नहीं हुआ। इसके बाद कोर्ट ने 23 सितंबर को आरोपियों के खिलाफ सीआरपीसी-82 के तहत कार्यवाही के आदेश जारी कर दिए। तब से अंटू और उनके माता-पिता की परेशानी बढ़ गई थी। अंटू ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी।
इस अर्जी पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अनिल आर. दवे और जस्टिस एएम खानविल्कर की खंडपीठ ने 21 अक्तूबर को उन्हें घोटाले की कुल रकम की आधी रकम 13.5 करोड़ रुपये जमा कराने पर आरोपियों की गिरफ्तारी, गैर जमानती वारंट और 82 की कार्यवाही पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए
11 नवंबर की तारीख नियत कर दी थी।
सुप्रीम कोर्ट के इसी आदेश के चलते बृहस्पतिवार को अंटू मिश्रा की ओर से अधिवक्ता महेंद्र सिंह मुदगल ने कोर्ट में 13.5 करोड़ के दो बैंक ड्राफ्ट जमा करा दिए। बता दें कि शुक्रवार को ही अंटू मिश्रा के मामले की सुनवाई गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट में होनी है।