कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ते जवान और पल भर में निहत्थी महिला कमांडोज का हथियारों से लैस दुश्मनों को धूल चटाने का नजारा देखकर माहौल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मौका था केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के 48वें स्थापना दिवस का।
इंदिरापुरम स्थित पांचवीं रिजर्व बटालियन के कैंप में शुक्रवार को लोगों ने महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा के अधुनिकीकरण का नया नमूना देखा। 48वें स्थापना दिवस की शुरुआत सीआईएसएफ जवानों ने मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरन रिजिजू को सलामी देते हुए की।
इसके बाद सीआईएसएफ कर्मियों ने एक के बाद एक ड्रिल का प्रदर्शन कर दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। सबसे पहले महिला कमांडोज ने आंखों पर पट्टी बांधकर मिनटों में आधुनिक हथियारों को असेंबल और डिसेंबल कर सबको हैरान कर दिया।
इसके बाद साइलेंट ड्रिल में जवानों ने बंदूक हवा में उछालकर करतब दिखाए। महिला सीआईएसएफ कर्मियों ने इजराइली मार्शल आर्ट क्रॉव मागा का ऐसा प्रदर्शन किया कि सभी दांतों तले उंगलियां दबाने को मजबूर हो गए।
आग लगने पर किस तरह से सीआईएसएफ काम करती है, इसकी मॉक ड्रिल भी जवानों ने की। गृह राज्यमंत्री ने कहा कि सीआईएसएफ विश्व की सबसे बेहतरीन सुरक्षा फोर्स में से एक है। आने वाले समय में यह सबसे अत्याधुनिक सिक्योरिटी फोर्स बनकर उभरेगी।
डीजी ओपी सिंह ने कहा कि सीआईएसएफ को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है। जवान परमाणु संस्थान, हवाई अड्डे, अंतरिक्ष केंद्र, बंदरगाह आदि के साथ ही वीवीआईपी सुरक्षा की जिम्मेदारी बखूबी संभाल रहे हैं।
वर्ष 2016 में करीब चार हजार कॉल लेकर 326.80 करोड़ रुपये की संपत्ति को सीआईएसएफ ने बचाया है। वर्ष 2008 से सीआईएसएफ का दस्ता संयुक्त राष्ट्र मिशन हैती में लगातार तैनात है। इस दौरान सीआईएसएफ के जवानों ने अनुशासन और ताकत का शानदार प्रदर्शन किया। गृह राज्यमंत्री ने सीआईएसएफ कर्मियों को मेडल देकर सम्मानित किया।