बेटी की शादी में खरीदे गए फर्नीचर के भुगतान के लिए दिए गए चेक बाउंस होने के मामले में अदालत ने ग्राहक (पिता) रामनिवास को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त न्यायालय कोर्ट संख्या एक ने दोषी पर 1.50 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने आदेश दिया है कि जुर्माने में से 1.40 लाख रुपये परिवादी को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे, जबकि 10 हजार रुपये राजकोष में जमा होंगे।
अदालत से मिली जानकारी के अनुसार, लोनी निवासी जगबीर सिंह की महालक्ष्मी इलेक्ट्रॉनिक्स एंड फर्नीचर के नाम से दुकान है। परिवादी ने बताया कि 30 जनवरी 2024 को रामनिवास ने अपनी बेटी की शादी के लिए 1.29 लाख रुपये का फर्नीचर खरीदा था। कुल राशि में से 50 हजार रुपये नकद दिए गए, जबकि शेष 79,800 रुपये के भुगतान के लिए 30 हजार और 49,800 रुपये के दो चेक दिए गए।