ट्रैफिक सुधार के लिए मंगलवार को सड़कों पर उतरे प्रशासनिक अधिकारियों की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। कहीं नो-एंट्री में प्रतिबंधित वाहन दौड़ते मिले, तो कहीं सड़कों पर दौड़ रहे ऑटो ही व्यवस्था को पलीता लगाते नजर आए।
खराब पडे़ ट्रैफिक सिग्नल और सड़क किनारे अतिक्रमण की रिपोर्ट भी डीएम को मिली है। इस रिपोर्ट के बाद डीएम ने बुधवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ कलक्ट्रेट में बैठक की। इसमें निर्देश दिए गए कि अगले एक सप्ताह में गाजियाबाद में ट्रैफिक स्मूथ हो जाना चाहिए।
बैठक में डीएम ने एसपी सिटी सलमान ताज को निर्देश दिए कि ट्रैफिक पुलिस के साथ ही सिविल पुलिस की भी ट्रैफिक व्यवस्था में ड्यूटी लगाई जाए। इससे पहले ऑटो यूनियन वालों के साथ एक बैठक कर उन्हें निर्देशित कर दिया जाए कि किसी भी हालत में ऑटो से ट्रैफिक समस्या न बनने पाए।
इस निर्देश के बाद दो दिन इंतजार किया जाए। इसके बाद अगर कोई ऑटो नियम तोड़ता नजर आता है तो उसे तत्काल मौके पर ही सीज कर दिया जाए। डीएम ने कहा है कि नो-एंट्री के समय में किसी भी हालत में प्रतिबंधित वाहन संचालित नहीं होंगे।
ऐसा होने पर वाहन तत्काल सीज कर दिया जाएगा। इसके साथ ही उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए उन्होंने एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार को आवश्यक निर्देश दिए।
एडीएम ज्ञानेंद्र सिंह के फीडबैक पर डीएम ने निर्देश दिए कि राजनगर एक्सटेंशन चौराहे को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कर दिया जाए। वहां सड़क किनारे भारी वाहन खडे़ रहते हैं। इन वाहनों को हटवाने की व्यवस्था की जाए।
वाहन किसी हालत में इस चौराहे के आसपास सड़क पर खड़े न मिलें। मोहननगर चौक और मोहन मीकिंस फैक्ट्री के सामने पानी जमा होने से वहां ट्रैफिक की गति कम हो जाती है। इसके लिए उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन दोनों ही प्वाइंट से जलभराव की समस्या खत्म कर दी जाए।
शहर के चौराहों-तिराहों पर खराब पड़ी सिग्नल लाइट भी डीएम ने जल्द चालू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिस जगह मेन रोड टूटी हुई है और उसकी वजह से ट्रैफिक प्रभावित हो रहा है, उसे तत्काल पीडब्ल्यूडी या एनएचएआई दुरुस्त कराए।
बैठक में जीडीए सचिव रविंद्र गोडबोले, एडीएम सिटी प्रीति जायसवाल, एडीएम प्रशासन जेएस मिश्र, एडीएम वित्त एवं राजस्व ज्ञानेंद्र सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट बीडी सिंह, एसडीएम अतुल कुमार के साथ ही निगम, जीडीए, पुलिस, प्रशासन, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई आदि विभागों के अधिकारी शामिल रहे।
अब अतिक्रमण हटाने उतरेंगे अधिकारी:
डीएम निधि केसरवानी ने शहर में अतिक्रमण के मद्देनजर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की है। उन्होंने निर्देश दिया है कि पुलिस-प्रशासन केसाथ ही जीडीए और नगर निगम की टीमें इस अभियान पर काम करेंगी। इसके लिए दो दिन के अंदर महानगर का सर्वे कार्य पूरा हो जाना चाहिए।
इसके बाद अतिक्रमण साफ करने का अभियान शुरू कर दिया जाए। सड़क किनारे अतिक्रमण करने वालों से मौके पर ही दंड भी वसूला जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाए। सड़क किनारे जो लोग अपने वाहन खड़े कर कहीं चले जाते हैं, उन सभी वाहनों को तत्काल क्रेन से खिंचवाकर निकटतम थाने पहुंचा दिया जाए।
ऐसे वाहनों की आरसी जब्त करने के साथ ही वाहन मालिक के लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने बताया कि गाजियाबाद से दिल्ली की सभी सीमाओं के दोनों ओर सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्ती से अभियान लागू किया जाए।