डा. केएन मोदी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नालॉजी के स्टूडेंट्स ने मंगलवार को फीस वृद्धि को लेकर जमकर हंगामा किया। स्टूडेंट्स कक्षाओं का बहिष्कार कर सड़क पर उतर आए।
फीस वृद्धि का निर्णय वापस न लेने पर स्टूडेंट्स ने बुधवार से कॉलेज में आमरण-अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है। उधर, कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि एप्लीकेट अथॉरिटी लखनऊ के आदेश पर फीस में वृद्धि की गई है।
कॉलेज प्रबंधन द्वारा फीस में की गई वृद्धि के विरोध में मंगलवार को सैकड़ों स्टूडेंट्स ने कक्षाओं का बहिष्कार किया। स्टूडेंट्स का कहना है कि प्राविधिक शिक्षा अनुभाग-1 लखनऊ के अनु सचिव अवध किशोर द्वारा बीते 22 जून 2016 को प्रदेश के सभी टेक्निकल कॉलेजों को आदेश जारी किया था।
इसमें स्टूडेंट्स हित में सत्र 2016-17 में पूर्व में निर्धारित शुल्क प्रभावी होने की बात कही गई है।इसके बाद भी कॉलेज प्रबंधन ने फीस में 14 हजार 400 की वृद्धि कर दी। इसे निर्धन स्टूडेंट्स अफोर्ड नहीं कर पाएंगे।
जिन स्टूडेंट्स ने बैंक से शिक्षा लोन ले रखा है, वह बढ़ी हुई फीस के संबंध में बैंक प्रबंधन को कैसे बताएंगे। स्टूडेंट्स ने कॉलेज प्रबंधन पर छात्रवृत्ति दिलाने के नाम पर प्रत्येक छात्र से छह हजार रुपये वसूलने, प्राइवेट एजेंसी से जबरन इंश्योरेंस कराने तथा कॉलेज में किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं मुहैय्या न कराने का आरोप भी लगाया।
उधर, संस्थान के डायरेक्टर पी. रिशीकेशा का कहना है कि यूपी प्राइवेट प्रोफेशनल एजूकेशनल इंस्टीट्यूट की एप्लीकेट अथारिटी ने सात जनवरी 2015 को फीस में वृद्धि के आदेश के बाद ही कॉलेज प्रशासन ने फीस बढ़ाई है।