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न्यायाधीश और अधिवक्ता को न्याय व्यवस्था की एक ही धुरी के दो पहिए: न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर

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संवाद न्यूज एजेंसी
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हापुड़। बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को फ्रीगंज रोड स्थित कचहरी प्रांगण में स्थापना के 50 वर्ष होने पर भव्य स्वर्ण जयंती समारोह का आयोजन किया। इस दौरान न्यायमूर्ति के साथ अधिवक्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कंसल ने की, जबकि संचालन बार सचिव वीरेंद्र सैनी ने किया।
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर के स्वागत से हुआ। इस दौरान न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने कहा कि न्यायाधीश का पद अत्यंत गरिमामय है। उनका प्रथम कर्तव्य है कि वह प्रत्येक पक्षकार को वास्तविक न्याय प्रदान करें। उन्होंने न्यायाधीश और अधिवक्ता को न्याय व्यवस्था की एक ही धुरी के दो पहिए बताते हुए युवा अधिवक्ताओं को सलाह दी कि वे नियमित स्वाध्याय करें, पत्रावलियों का गहन अध्ययन करें। उन्होंने हापुड़ बार एसोसिएशन को 50 वर्ष पूर्ण होने पर हार्दिक बधाई दी। इसके अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता गजेंद्र सिंह चौहान, श्यामवीर सिरोही और रमेश चंद्रा ने मंच से सभी को शुभकामनाएं दी। मंच संचालन में उदय सिन्हा, मुकुल त्यागी, अनिल आजाद ने सहयोग किया।
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इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश अजय सिंह प्रथम, परिवार न्यायाधीश पीयूष पांडेय, एएसीटी न्यायाधीश गुरप्रीत सिंह बाबा समेत अनेक न्यायिक अधिकारी और अधिवक्कता एसडी शर्मा, प्रभु दयाल गोयल, दिनेश त्यागी, अशोक जैन, राजकुमार मित्तल, सुनील अग्रवाल, अतुल अग्रवाल, अकबर बेग, नरेंद्र मित्तल, अताउर रर्हमान, उम्मेद अली, नरेंद्र सिंह मान, अजित चौधरी, नवनीत सहलौत, गौरव नागर, नरेंद्र शर्मा, देवव्रत शर्मा मौजूद रहे।
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