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Ghaziabad: इंद्रगढ़ी में बंदरों ने दो युवकों को काटा, पिछले डेढ़ महीने में 18 से 20 लोग हमले में हो चुके घायल

Tue, 17 Jun 2025 06:37 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, मसूरी (गाजियाबाद)

सार

लोग बंदरों के खौफ में जीने को मजबूर हैं और रातों की नींद गवाकर लाठी डंडे लेकर पहरा देने को मजबूर हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डासना प्रभारी डॉ प्राची पाल ने बताया कि क्षेत्र से रोजाना बंदरों के काटे मरीज आ रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI
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विस्तार
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गाजियाबाद के मसूरी क्षेत्रांतर्गत बंदरों के आतंक से आकाशनगर और इन्द्रगढ़ी में भय का माहौल है, लोग बंदरों के डर से पहरा दे रहे हैं। बीते एक माह से यह स्थिति बनी हुई है। अब तक डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोगों को बंदरों ने काटकर घायल कर दिया है। लोग दिन और रात में छतों पर चढ़ने से घबरा रहे हैं। रविवार को इन्द्रगढ़ी प्राथमिक विद्यालय के पास बंदरों ने विशाल 24 व सचिन उर्फ टबरा 30 पर हमला कर दिया दोनों की बाजुओं में काटकर बुरी तरह जख्मी कर दिया, जिनका उपचार निजी चिकित्सक से कराया गया। 

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बंदर के हमले में घायल विशाल के दाएं हाथ में 11 टांके व सचिन उर्फ टबरा के बांये हाथ में टांके लगाए गए और एंटी रैबीज वैक्सीन लगाकर जीटीबी रेफर कर दिया। इसके अलावा अन्य काटे गए मोनू, कृष, बबलू व गौरव निवासीगण आकाशनगर, इन्द्रगढ़ी सभी घायलों का इलाज दिल्ली के अस्पताल व निजी चिकित्सकों से चल रहा है। स्थानीय निवासी कपिल कुमार ने बताया कि इलाके में तीन बंदर बीते एक माह से डेरा डाले हुए हैं और आए दिन लोगों पर मौका पाते ही हमला कर रहे हैं। 

आकाशनगर और इन्द्रगढ़ी गांव में बंदर लगातार अब तक 18-20 लोगों को काट चुके हैं। सभी घायलों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों व निजी चिकित्सकों के यहां चल रहा है। सोमवार को गार्डन एनक्लेव चौकी के पास घनश्याम फार्म हाउस में तैनात गार्ड को भी बंदर ने गर्दन पर काटकर बुरी तरह घायल कर दिया। सोमवार को ग्रामवासियों ने सामूहिक रूप से गार्डन एंक्लेव चौकी में शिकायतनामा देकर समस्या का समाधान मांगा। 
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पुलिस ने वन विभाग से संपर्क कर बंदरों को तत्काल पकड़ने का हवाला दिया है। लोग बंदरों के खौफ में जीने को मजबूर हैं और रातों की नींद गवाकर लाठी डंडे लेकर पहरा देने को मजबूर हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डासना प्रभारी डॉ प्राची पाल ने बताया कि क्षेत्र से रोजाना बंदरों के काटे मरीज आ रहे हैं, जिन्हें टेटनस व एंटी रैबीज वैक्सीन दे दी जाती है अगर काटने का घाव गहरा होता है तो उसको इम्यूनोग्लोबिन इंजेक्शन लगाने के लिए दिल्ली जीटीबी रेफर किया जाता है।
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