गाजियाबाद। ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों ने जनपद के दो अलग-अलग लोगों से स्वदेशी और विदेशी कंपनी में निवेश करने का झांसा देकर 54.10 लाख रुपये की ठगी कर ली। राजनगर एक्सटेंशन की राजनगर रेजीडेंसी सोसायटी में रहने वाले रुद्र प्रताप सिंह ने 43.45 लाख रुपये ठगे। वसुंधरा स्थित ड्रोनागिरी अपार्टमेंट में रहने वाले संतोष कुमार से 10.65 लाख रुपये की ठगी की। दोनों ही पीड़ितों ने साइबर थाने में मुकदमे दर्ज कराए हैं।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि राजनगर रेजीडेंसी सोसायटी में रहने वाले रुद्र प्रताप सिंह के मुताबिक उनके मोबाइल पर जुलाई 2025 में एक लिंक आया। इसके बाद व्हाट्सएप कॉल पर कॉलर ने कॉल कर अपना नाम विजय शंकर पांडे बताया। विजय शंकर पांडे ने बताया कि भेजे गए लिंक में इस कंपनी में पैसा निवेश करने पर दो से तीन गुणा मुनाफा होगा।
इसके बाद देवाराम संदीप नाम के व्यक्ति ने कॉल कर खुद को कंपनी का डायरेक्टर बताया। देवाराम संदीप ने लगातार एक सप्ताह तक कॉल किए और बताया कि लाखों लोग मेरी कंपनी में रुपये निवेश करके करोड़पति बन गए हैं, आपको भी मौका दिया जा रहा है। ऑफर दिया कि मात्र 1.20 लाख रुपये से शुरुआत करोगे तो कंपनी एक सेमिनार का आयोजन कर रही है। ऐसे में ऑफर दिया जा रहा है और मुनाफा होगा। साइबर ठगों के झांसे में आए रुद्र प्रताप सिंह ने स्टॉक ट्रेडिंग में 1.20 लाख रुपये से शुरुआत की। 27 जुलाई 2025 को विजय शंकर पांडे ने बताया कि यूपीआई स्कीम परिवर्तन हो गई है। अब 12 लाख रुपये से शुरुआत होगी। पीड़ित ने 12.65 लाख रुपये साइबर ठगों के बताए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए।
इसके बाद साइबर ठगों ने बताया कि भारत सरकार ने वेबसाइट बैन कर दी है। भेजी गई धनराशि और प्रॉफिट चाहिए तो 30 लाख रुपये निवेश करने होंगे। पीड़ित ने कुल 43.45 लाख रुपये निवेश किए। इसके बाद उन्होंने फोन रिसीव करने बंद कर दिए। सेबी पर कंपनी का पंजीकरण का पता किया तो कंपनी फर्जी निकली। साइबर ठगी होने के बाद पीड़ित ने किसी को इस बाबत जानकारी नहीं दी। पीड़ित ने बताया कि उनके भाई ने जब उनसे दो लाख रुपये उधार मांगे तो परिजनों को साइबर ठगी की बाबत जानकारी दी। इसके बाद पीड़ित रुद्र प्रताप सिंह ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
विदेशी कंपनी में कराए 10.65 लाख रुपये निवेश
कौशांबी के वसुंधरा क्षेत्र स्थित द्रोनागिरी अपार्टमेंट में रहने वाले संतोष कुमार ने बताया कि उनके मोबाइल पर भी लिंक भेजा गया और अमेरिका की कॉनिफायर में निवेश करने का झांसा दिया गया। ए-5 स्टॉक मार्केट नेविगेटर नामक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़े गए। इसमें 170 सदस्य और छह एडमिन थे। एक व्यक्ति ने ग्रुप पर दावा किया कि वह फैंकलिक टैम्पलटन के साथ 15 वर्षों से जुड़ा है और शेयर बाजार का विशेषज्ञ है। उसने 300 प्रतिशत रिटर्न का दावा किया। ठगों ने दावा किया कि स्टॉक मार्केट विनर्स नाम की पुस्तक प्रकाशित कर रहे हैं। नौ अक्तूबर 2025 को संतोष कुमार ने 10.65 लाख रुपये शेयर ट्रेडिंग में निवेश किए। उसके बाद रुपये निकालने का प्रयास किया तो असफल रहे। ठगी का आभास होने पर पीड़ित ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पीड़ितों की तहरीर पर मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं, बैंक खातों की जांच की जा रही है। जल्द ही साइबर ठगों की पहचान कर ली जाएगी।