गाजियाबाद। गोविंदपुरम की पंचशील प्राइमरोज सोसायटी में 15 दिनों के भीतर किशोरी समेत दो लोगों को एयरगन से गोली लगने की घटनाओं से दहशत फैल गई है। मामला रविवार को तब सामने आया, जब एक युवक के पैर में गोली फंसी होने की पुष्टि डॉक्टर ने एक्सरे के बाद की। बुलेट एयरगन की बताई जा रही है।
कविनगर थाने पहुंचे अंकित मित्तल ने बताया कि वह सोसायटी के टावर-1 में रहते हैं। 18 जून को रात करीब पौने नौ बजे उनका बेटा कार्तिक मित्तल (18) किसी कार्य से टावर के नीचे से जा रहा था। इसी बीच उसके पैर में दर्द उठा। कपड़ों को हटाकर देखा तो छोटा सा छेद नजर आया और खून निकल रहा था। इसे सामान्य घटना मान उन्होंने प्राथमिक उपचार कराया।
20 जून की शाम को दर्द बढ़ गया। इसके बाद चिकित्सक को दिखाने के लिए पहुंचे। रविवार को आई एक्सरे रिपोर्ट में पैर में बुलेट फंसी होने की बात सामने आई, जिसे चिकित्सक ने सर्जरी कर निकाल दिया।
कार्तिक को गोली लगने की बात सोसायटी में फैलने के बाद सामने आया कि यह पहला मामला नहीं है। इसी तरह 25 मई को टावर-1 के पास ही अमित शर्मा की 17 वर्षीय बेटी शैलजा के सिर में गोली लगने का मामला सामने आया था। यह घटना भी रात करीब पौने नौ बजे घटी थी। अचानक उसके सिर में कोई चीज लगी और खून की तेज धार निकलने लगी। बच्ची को लहूलुहान देख माता पिता घबरा गए। शुरुआत में इसे मामूली चोट समझा गया, लेकिन बाद में सीटी स्कैन में सिर के अंदर बुलेट मिली, जिसे सर्जरी से निकाला गया।
कविनगर थाने में दोनों मामलों में अज्ञात के खिलाफ शिकायत दी गई है। कार्यवाहक एसीपी कविनगर जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और सोसायटी के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाएगी।
पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
अमित शर्मा का आरोप है कि 28 मई को बेटी को गोली लगने के बारे में पता चलने पर कविनगर थाने में शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। आरोप है कि अगर पुलिस इसमें सही समय पर कार्रवाई करती तो दोबारा यह घटना नहीं होती।
भयभीत हैं निवासी
सोसायटी के लोग इस घटना को लेकर भयभीत हैं और बच्चों को अकेले बाहर भेजने से बच रहे हैं। अंकित मित्तल का कहना है कि यह किसी मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति की हरकत हो सकती है। सोसायटी के लोगों का कहना है कि पुलिस को ऐसा करने वाले की जल्द से जल्द पहचान कर कार्रवाई करनी चाहिए।