एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि भोजपुर के पट्टी गांव निवासी दीपू (18) और हापुड़ के सदीकपुरा निवासी सागर (18) दिल्ली से आ रहे थे। बाइक सागर चला रहा था और दीपू पीछे बैठा था। भोजपुर के पास हुए हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
पेट्रोलिंग वाहन ने उनको मोदीनगर सीएचसी पहुंचाया, जहां डाॅक्टर ने उन्हें मृत बताया। पुलिस के अनुसार, सागर ने हेलमेट लगा रखा था लेकिन दीपू बिना हेलमेट ही बाइक पर सवार था। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन समेत भाग निकला। एसीपी के अनुसार, उसकी पहचान की जा रही है। इसके लिए डीएमई पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है।
प्रतिबंध के बाद भी दिल्ली से गाजियाबाद पहुंचे, किसी ने टोका नहीं
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि प्रतिबंधित होने के बावजूद दोनों युवक दिल्ली से गाजियाबाद तक कैसे पहुंच गए। करीब 30 किलोमीटर से अधिक का सफर तय करने के दौरान उन्हें कहीं भी नहीं रोका गया। पुलिस अब एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और ट्रक चालक की तलाश की जा रही है। परिजनों को हादसे की सूचना मिलने के बाद दोनों घरों में कोहराम मचा हुआ है। परिवारों को अब भी यकीन नहीं हो रहा कि दीपू और सागर अब इस दुनिया में नहीं रहे। पुलिस का कहना है कि अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
20 हजार रुपये चालान, फिर भी टूट रहे नियम
डीएमई पर बाइक की एंट्री प्रतिबंधित है। यह नियम तोड़ने पर 20 हजार रुपये तक का चालान किया जाता है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में बाइक सवार एक्सप्रेसवे पर दौड़ रहे हैं। पहले गाजियाबाद में करीब 10 स्थानों पर चेकिंग होती थी, लेकिन अब कई जगह जांच अभियान कमजोर पड़ गया है। ऐसे में बाइक सवार बिना रोकटोक जान जोखिम में डाल रहे हैं। पुलिस पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। एनएचएआई पर भी जागरूकता और निगरानी व्यवस्था मजबूत न करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कंट्रोल रूम से निगरानी होने के बावजूद बाइक सवारों को रोकने के प्रभावी इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं।