गाजियाबाद/साहिबाबाद। बारिश के बीच हुए हादसों ने बृहस्पतिवार को चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। विजयनगर स्थित सर्वोदयनगर के वार्ड-14 में सड़क पर भरे पानी में डूबने से तीन वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। मसूरी में आठ वर्षीय बच्चे की प्लाॅट में भरे पानी के कारण जान चली गई। इसी बीच ज्ञानखंड-1 में पार्क के गेट में उतरे करंट से सफाईकर्मी, जबकि मोदीनगर के निवाड़ी में झुग्गी पर दीवार गिरने से मजदूर ने दम तोड़ दिया। सर्वोदयनगर में लोगों ने बच्ची का शव हाईवे पर रखकर जाम लगाया तो ज्ञानखंड में ऊर्जा निगम पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। मोहिनुद्दीनपुर में हुए हादसे के बाद लोगों ने नालों की सफाई में लापरवाही को लेकर नाराजगी जाहिर की।
गेट पर खेल रही थी बच्ची, पानी में गिरी
सर्वोदयनगर की गली नंबर-3 निवासी सुमित कुमार फर्रुखाबाद स्थित सिरौली गांव के रहने वाले हैं। वह पत्नी खुशबू, दो बेटियों आरवी (5) व मानवी (3) के साथ यहां रहते हैं और सब्जी का ठेला लगाते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बृहस्पतिवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे तेज बारिश के दौरान कॉलोनी की गली में तीन से चार फीट तक पानी भर गया। करीब 10 मकानों में पानी घुस गया। इसी दौरान घर के आंगन से निकलकर गेट पर खेल रही मानवी अचानक पैर फिसलने से गली में भरे पानी में गिर गई। दोपहर करीब पौने एक बजे पानी कम हुआ तो बच्ची का शव गली में पड़ा मिला। जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। आक्रोशित लोग शव लेकर एनएच-9 पर पहुंच गए और पिता सुमित की गोद में बच्ची का शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
करीब साढ़े तीन घंटे तक लोगों का प्रदर्शन चलता रहा। इस दौरान करीब 25 मिनट तक हाईवे पर जाम भी लगा रहा। एसीपी नगर कोतवाली उपासना पांडेय समेत विजयनगर, क्रॉसिंग रिपब्लिक और वेव सिटी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत कराया।
हर साल भरता है पानी, शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं
एनएच-9 के पास स्थित सर्वोदयनगर वार्ड-14 में आता है। कॉलोनी हाईवे से करीब 10-15 फीट नीचे है। हाईवे के बराबर बना नाला गंदगी से अटा पड़ा है, जिसके कारण बारिश का पानी गलियों में भर जाता है। कॉलोनी निवासी मूलचंद, सोमवीर सिंह और प्रकाशी देवी ने बताया कि कई बार नगर निगम अधिकारियों, महापौर और पार्षद से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
अधिकारियों का घेराव, सहायता का आश्वासन
मौके पर पहुंचे अपर नगर आयुक्त समेत अन्य अधिकारियों का लोगों ने घेराव किया। नगर निगम, महापौर और पार्षद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की व मांगें पूरी होने तक शव उठाने से इन्कार कर दिया। उच्चाधिकारियों से वार्ता कर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता व जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान का आश्वासन दिया। स्थानीय लोगों ने परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा, माता-पिता में से एक को सरकारी नौकरी, आवास, जलभराव से निजात और नाले के निर्माण की मांग रखी। मामले में जिलाधिकारी पीड़ित परिवार की मदद के साथ जांच के आदेश दिए हैं।
खेलते हुए पानी में उतरा, फिर नहीं लाैटा
मसूरी के मोहिनुद्दीनपुर ढबारसी गांव में बारिश के बाद नाले के पास एक प्लाॅट में पानी भर गया था। एसीपी अजय कुमार ने बताया कि दोपहर करीब दो बजे आठ वर्षीय शाद खेलते हुए प्लॉट में भरे पानी में उतर गया। संभावना है कि दलदल होने के कारण वह उसमें फंस गया। वहां माैजूद बच्चों ने शोर मचाया तो आसपास के लोग उसे बेहोशी की हालत में निकालकर नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसीपी ने बताया कि कच्चे नाले के पीछे ही शाद के पिता शहताब का मकान है। मौके पर पुलिस तैनात की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते नाले से अतिक्रमण हटाकर जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाती तो शायद यह हादसा नहीं होता।
पार्क के गेट में उतरा करंट, सफाईकर्मी की मौत
दूसरी घटना ज्ञानखंड-1 स्थित पार्क-1 में हुई। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के बड़ा महुवा अंजनौर गांव निवासी बबलू उर्फ नरेंद्र (25) को जलभराव के दौरान पार्क का गेट छूते ही करंट लग गया। हादसे के बाद सोसायटी के लोगों ने ऊर्जा निगम को सूचना देकर बिजली आपूर्ति बंद कराई और बबलू को निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि बृहस्पतिवार को बबलू पार्क के पास खड़ा था। पार्क के पास ही ट्रांसफार्मर रखा है। आशंका है कि ट्रांसफार्मर से करंट गेट में उतर आया। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने ऊर्जा निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और शव ले जाने से इन्कार कर दिया। पुलिस के समझाने और शिकायत मिलने पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि बबलू प्लॉट नंबर-186 स्थित सोसायटी में सुरक्षा गार्ड के साथ सफाई का काम भी करता था। परिवार की शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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झुग्गी पर दीवार गिरी, मलबे में दबने से मजदूर की मौत
मोदीनगर। निवाड़ी में गांव अबूपुर के समीप स्थित कनन ग्रीन्स सोसायटी में बारिश के दौरान झुग्गी पर दीवार गिरने से मलबे में दबकर बिहार के जनपद छपरा स्थित गांव मुबारकपुर निवासी 48 वर्षीय अजीत राय की मौत हो गई। अजीत मजदूरी करते थे। पुलिस ने बताया कि वह झुग्गी में रहते थे। मंगलवार से हो रही बरसात के कारण निर्माण कार्य बंद था। बृहस्पतिवार शाम उनके साथी सोसायटी के बाहर टहलने गए थे। इसी दौरान झुग्गी से सटकर बनी दीवार गिर गई। अजीत उसके मलबे में दब गए। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे लोगों ने अजीत को निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे में एक मजदूर को भी मामूली चोट आई है।
राहत व बचाव आपदा कोष से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अन्य मदों से भी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन परिवार को दिया गया है।
-जंग बहादुर यादव, अपर नगर आयुक्त