गाजियाबाद। कंपनियों की स्कीम और ऑनलाइन सुविधा का लाभ उठाकर धोखाधड़ी करने वाले दो साइबर ठगों को क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया है। इस गिरोह के चार सदस्य अभी भी टीम की गिरफ्त से बाहर हैं। इस गिरोह ने 82 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की है।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि हरियाणा के रोहतक में रहने वाले शर्वीन कुमार ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया कि वह ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस से जुड़े हैं। कंपनी ऑनलाइन आर्डर पर विभिन्न प्रकार के आपूर्ति करती है। उनकी कंपनी से 82 लाख रुपये का सामान खरीदा गया और लौटाने का झांसा देकर धनराशि रिफंड करा ली। बताया कि टीम ने दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम शुभम सोनी निवासी हर्जिका कुआं कीतन पाना थाना भिवानी हरियाणा और हिमांशु मित्तल उर्फ मोनू मित्तल निवासी केएम कालोनी घंटाघर थाना भिवानी हरियाणा बताया है। इस गिरोह के चार आरोपी फतेहाबाद हरियाणा निवासी प्रेम झांगर, दीपक उर्फ दीपू, निखिल और पुनीत पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। बताया कि इस गिरोह ने दो लोगों से अब तक करीब 82 लाख रुपये की ठगी की है। पकड़े गए ठगों से तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
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ऐसे करते थे ऑनलाइन ठगी
हरियाणा के इस गिरोह ने एएसएसपीएल कंपनी से लाखों रुपये के प्रोडक्ट खरीदे। आपूर्ति करने वाले अमेजन कंपनी को प्रोडक्ट वापस करने की फर्जी आईडी से ई-मेल करके धनराशि वापस करने का दावा करते थे। अमेजन में ऑनलाइन धनराशि रिफंड के लिए कुछ बाउचर्स जारी करती है। इन बाउचर्स को कल्याण ज्वैलर्स के गिफ्ट बाउचर में ट्रांसफर कर सोना खरीद लेते थे और फर्जी आईडी बंद करते थे।