गाजियाबाद। ग्रीन गौर एवेन्यू सोसायटी के टावर डी में 29 अप्रैल को लगी आग से चीख-पुकार मच गई। आग ने विकराल रूप धारण कर लिया तो सोसायटी के गेट पर सुरक्षाकर्मियों को सूचना दी गई। सोसायटी के सुरक्षा अधिकारी आलोक कुमार साथी मनोज तोमर व अन्य के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने फ्लैट में धुएं से घिरे एक परिवार के तीन सदस्यों को बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के लिए भेजा।
मूल रूप से बिहार के छपरा जनपद के रहने वाले आलोक कुमार ने बताया कि सुबह 8ः41 बजे आग लगने की सूचना मिली। वह मनोज तोमर व दो अन्य सुरक्षाकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। वहां उन्हें फ्लैट संख्या 942 की बालकनी से चीख-पुकार सुनाई पड़ी। एक महिला अपनी दो बेटियों के साथ बालकनी में खड़ी होकर मदद की गुहार लगा रही थी।
उन्होंने बताया कि फ्लैट का दरवाजा आग की लपटों से घिरा हुआ था। बाहर लगे फायर फायटिंग सिस्टम से दरवाजे की आग बुझाई गई। दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण वह उसे तोड़कर फ्लैट में दाखिल हुए। वहां चारों तरफ धुआं भरा हुआ था। महिला और उनकी दोनों बेटियों को वह किसी तरह बालकनी से बाहर लेकर आए और प्राथमिक उपचार के लिए भिजवाया। इस दौरान उनके साथी मनोज चोटिल हो गए।
आलोक कुमार ने बताया कि वह एनसीसी के ए और बी सर्टिफिकेट में ग्रेड ए, जबकि सी सर्टिफिकेट में ग्रेड बी हासिल कर चुके हैं। वर्ष 2010 में उनका चयन दिल्ली में होने वाली गणतंत्र दिवस परेड के लिए हुआ था। गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में वह वर्ष 2022 से हैं। इससे पूर्व वह राजस्थान के भिवाड़ी स्थित कस्बा टप्पूगढ़ा में होंडा कंपनी में सुरक्षा अधिकारी रह चुके हैं। उनके पिता जगत नारायण सिंह झारखंड में सरकारी शिक्षक रह चुके हैं। वर्तमान में वह परिवार सहित साहिबाबाद में रहते हैं।