फर्जी दस्तावेजों पर परीक्षा देने आए दो आरोपियों को पुलिस ने परीक्षा केंद्र के गेट पर पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि परीक्षा के लिए निर्धारित उम्र सीमा दोनों पार कर चुके थे, लेकिन उन्होंने फर्जी तरीके से अपना नाम और जन्मतिथि बदलकर हाईस्कूल व इंटरमीडिएट कर आवेदन कर दिया था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया है।
नगर क्षेत्र में शुक्रवार को पुलिस भर्ती परीक्षा का आयोजन किया गया। इस दौरान नगर के डीएवी कॉलेज के गेट पर बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने के दौरान विष्णु कुमार नामक अभ्यर्थी का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया।
बताया जा रहा है कि अलीगढ़ के खैर क्षेत्र के गांव फतेहगढ़ी निवासी विष्णु कुमार के पुराने दस्तावेजों में जन्म तिथि एक जुलाई 1997 थी, लेकिन परीक्षा के लिए विष्णु ने इसमें फर्जीवाड़ा करते हुए अपना नाम बदलकर राजू चौधरी किया और जन्मतिथि भी बदलकर दो फरवरी 2004 कर ली थी।
दूसरी ओर गांधी बाल निकेतन इंटर कालेज में परीक्षा देने आए बिहार के भोजपुर क्षेत्र के गांव करारी निवासी लाल जी कुमार पहले दस्तावेजों में जन्मतिथि चार फरवरी 2002 थी जिसे नए दस्तावेजों में चार सितंबर 2004 कर लिया था। लाल जी ने भी अपना नाम बदलकर विशाल करते हुए जन्मतिथि भी बदलवाई थी।
दोनों ही आरोपियों ने जब परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए गेट पर बायोमेट्रिक हाजिरी लगाई तो उनका फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आ गया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना गुनाह स्वीकार करते हुए बताया कि पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए आवश्यक उम्र सीमा पार कर चुके थे।
जिसके चलते उन्होंने दोबारा से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा दी और पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन किया था। दोनों आरोपियों के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने दोनों के परिजनों को भी सूचना दे दी है। साथ ही दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
नगर में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर परीक्षा देने के लिए आए दो अभ्यर्थियों को पकड़ा गया है। दोनों ने अपना नाम, जन्मतिथि में बदलाव कराया था, ताकि भर्ती परीक्षा में शामिल हो सकें। दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
--- विकास प्रताप सिंह चौहान, सीओ, सिटी