इंदिरापुरम। एक्सप्रेस गार्डन सोसायटी की दीवार में गाड़ी घुसने की घटना में शिप्रा चौकी और मजदूरों को रुपये देने के नाम पर महिला से ढाई लाख वसूलने का मामला सामने आया है। महिला ने इंदिरापुरम कोतवाली में दो लोगों पर धोखाधड़ी का मुकदमा कराया है।
रेल विहार सोसायटी में रहने वाली उपासना शुक्ला ने शिकायत दी थी कि 25 दिसंबर की सुबह 11:15 बजे उनकी गाड़ी एक्सप्रेस गार्डन सोसायटी की दीवार में घुस गई। नुकसान होने पर वह गाड़ी लेकर सोसायटी पहुंचीं। कुछ देर बाद सोसायटी के विभोर गर्ग और मनविंदर चौहान उर्फ मोनी उनके पास पहुंचे। दोनों ने उन्हें सांत्वना देकर मौके पर जाकर स्थिति को संभालने का आश्वासन दिया। दोनों लोग सोसायटी पहुंचे और उन्हें पुलिस कार्रवाई की बात बोलकर काफी डरा दिया। आरोप है कि इसकी एवज में दोनों ने ढाई लाख रुपये लेकर शिप्रा चौकी के पुलिसकर्मी और घायल मजदूरों को देने की बात कही।
दोनों ने उनसे कहा कि शिप्रा चौकी में अच्छी बातचीत है, वह मामले को रफादफा करा देंगे। वह काफी घबरा गईं और उन्होंने अपनी बहन व जीजा को भी मौके पर बुलाकर हादसे के बारे में बताया। उनकी गाड़ी में चार युवक थे। उनके परिजनों के साथ मिलकर उन्होंने करीब ढाई लाख रुपये दोनों लोगों को दे दिए। इतना ही नहीं, दोनों ने गाड़ी ठीक कराने के लिए भी 80 हजार रुपये और घटनास्थल से मैकेनिक के पास ले जाने के दस हजार रुपये टाॅचन के नाम पर वसूले।
कुछ दिनों बाद वह एक्सप्रेस गार्डन सोसायटी की आरडब्ल्यूए के ऑफिस में गईं तो वहां धोखाधड़ी का पता चला। शनिवार को उन्होंने मामले में कार्रवाई के लिए सहायक पुलिस आयुक्त से गुहार लगाई थी। एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि विभोर ओबरॉय और मनविंदर चौहान पर नामजद मुकदमा दर्ज हुआ है। दोनों की तलाश हो रही है।