बुलंदशहर। कोतवाली नगर क्षेत्र में करीब छह वर्ष पूर्व नाबालिग छात्रा को बहलाकर ले जाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम, कोर्ट संख्या-प्रथम विनीत चौधरी की अदालत ने अभियुक्त साबिर को दोषी ठहराते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास और 5,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर उसे दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने उसे दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम के गंभीर आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, कोतवाली नगर के एक मोहल्ला निवासी साबिर पीड़िता के घर कुरान व ट्यूशन पढ़ाने आता था। इसी दौरान उसने नाबालिग से जान-पहचान बढ़ाई। 6 फरवरी 2020 को करीब 13 वर्षीय छात्रा स्कूल के लिए निकली, लेकिन घर नहीं लौटी।
परिजनों की तहरीर पर 8 फरवरी 2020 को थाना कोतवाली नगर में गुमशुदगी व अपहरण की रिपोर्ट दर्ज हुई। बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पीड़िता को बरामद किया और जांच के उपरांत दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाईं। न्यायालय ने दोषी को जिला कारागार भेजने के आदेश दिए हैं। साथ ही जमा कराई जाने वाली अर्थदंड की संपूर्ण राशि पीड़िता को बतौर प्रतिकर देने का निर्देश दिया है।