कनावनी गांव की जमीन पर बनी सोसायटीज के लोग शासन के एक आदेश ने फिर परदेशी कर दिए हैं। कनावनी को नोएडा में शामिल कर दिया गया है। इसके साथ ही यहां बसी 30 सोसायटीज के बाशिंदों की दिक्कतें दोबारा शुरू हो जाएगी।
वारदात इंदिरापुरम में होगी लेकिन देखेगी नोएडा पुलिस। प्रशासन भी नोएडा का होगा और जमीन या मकान की रजिस्ट्री के लिए भी नोएडा की दौड़ लगानी पड़ेगी। प्रदेश सरकार ने गाजियाबाद जिले के राजस्व गांव कनावनी को गौतमबुद्ध नगर के नोएडा शहरी क्षेत्र में शामिल करने पर मुहर लगा दी है।
स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की ओर से अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। अब गाजियाबाद की सदर चतुर्थ तहसील की सीमा में भी बदलाव करने की अनुमति दे दी गई है। इस निर्णय से सबसे ज्यादा प्रभावित वे लोग होंगे, जिन्होंने लाखों रुपये खर्च कर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की इंदिरापुरम आवासीय योजना के तहत अहिंसाखंड द्वितीय में आशियाना लिया है।
गाजियाबाद में रहते हुए भी इन्हें पुलिस, प्रशासन और रजिस्ट्री के लिए नोएडा का चक्कर लगाना होगा। कुछ महीने पहले ही कनावनी को नोएडा से गाजियाबाद में शामिल किया गया था, जिससे लोगों में खुशी थी लेकिन अब उनकी खुशी दोबारा छिन गई है।
नोएडा सेक्टर-58 थाने में जाएगी सुरक्षा
अब कनावनी के लोगों को पुलिस की मदद चाहिए तो नोएडा के सेक्टर-58 थाने जाना होगा। जबकि इंदिरापुरम थाना यहां के लोगों के लिए नजदीक है और पुलिस तक पहुंच भी आसान है। हालात यह हो गए थे कि महिलाएं चेन स्नैचिंग या छोटी चोरी की वारदातों की रिपोर्ट भी दर्ज नहीं कराती थी।
जिस पर आरडब्ल्यूए कनावनी को गाजियाबाद में शामिल करने की मांग कर रहा था। लोगों की दिक्कत ये थी कि नोएडा पुलिस यहां गश्त भी नहीं करती थी, जिससे वारदातें बढ़ गई थी और ज्यादातर मामले सीमा विवाद में भी फंसे रहते थे।