एनएचएआई ने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे समेत अन्य एक्सप्रेसवे पर टोल शुल्क की वसूली और मेंटेनेंस का जिम्मा प्राइवेट कंपनी को दिया हुआ है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक धीरज सिंह ने बताया कि इन कंपनियों के अनुबंध के मुताबिक हर साल टोल दरों में एक निर्धारित रकम की बढ़ोतरी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि एक अप्रैल से ईस्टर्न पेरिफेरल और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे समेत अधिकांश टोल रोड पर टोल दरों में पांच फीसदी की बढ़ोतरी लागू हो जाएगी।
पूर्णांक में होगी बढ़ोतरी
कुछ स्थानों पर टोल शुल्क पांच फीसदी से ज्यादा बढ़ सकता है। दरअसल, अगर पांच फीसदी बढ़ोतरी के बाद टोल शुल्क 63, 64 या 89, 54 रुपये हो रहा होगा तो ऐसी रकम को पूर्णांक में बदल दिया जाएगा। यानी 64 की बजाय 65 रुपये, 89 की जगह 90 रुपये या इसी तरह अन्य रकम से दो-तीन रुपये ज्यादा टोल शुल्क निर्धारित किया जा सकता है। इसी तरह अगर किसी सफर के लिए 81, 51 या इसी तरह अन्य रकम तय होगी तो इसे घटाकर पूर्णांक रकम निर्धारित की जा सकती है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर वर्तमान टोल दरें
| स्थान |
कार |
हल्के व्यावसायिक वाहन |
| मेरठ से सराय काले खां |
160 रुपये |
250 रुपये |
| मेरठ से इंदिरापुरम |
110 रुपये |
175 रुपये |
| मेरठ से डूंडाहेड़ा |
85 रुपये |
140 रुपये |
| मेरठ से डासना |
70 रुपये |
115 रुपये |
| मेरठ से रसूलपुर |
55 रुपये |
85 रुपये |
| मेरठ से भोजपुर |
25 रुपये |
40 रुपये |
नोट: इन दरों में पांच फीसदी बढ़ोतरी की जानी प्रस्तावित है।