गाजियाबाद। शहर में प्रदूषण कम करने के लिए एक नवंबर 2026 से बीएस-4 ट्रकों और बसों के प्रवेश पर संभावित प्रतिबंध को लेकर ट्रांसपोर्टरों में चिंता है। उनका कहना है कि इससे छोटे ट्रांसपोर्टरों की रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ेगा। संभागीय परिवहन विभाग के अनुसार शहर में करीब 50 हजार ट्रक-बसें प्रभावित होंगी। केंद्र सरकार ने पुराने वाहन हटाकर नए वाहन खरीदने पर पंजीकरण शुल्क माफी और 10 साल तक मोटर वाहन कर में छूट की घोषणा की है, लेकिन ट्रांसपोर्टर इसे नाकाफी बता रहे हैं।
टूरिस्ट बस टैक्सी ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष संदीप त्यागी ने कहा कि 2022 तक खरीदे गए कई बीएस-4 वाहनों का लोन अब भी चल रहा है। वाहन कीमतें दोगुनी हो चुकी हैं, ऐसे में पुराना वाहन बेचकर नया लेना छोटे कारोबारियों के लिए मुश्किल है। उनके मुताबिक बेहतर तकनीक और सड़कों के चलते बीएस-4 वाहन अभी सालों तक चलने लायक हैं। बड़े ऑपरेटर वाहन दूसरे राज्यों में शिफ्ट कर सकते हैं, लेकिन सीमित बेड़ा रखने वालों के सामने संकट खड़ा होगा।
आरटीओ प्रशासन प्रमोद सिंह ने बताया कि बीएस-4 पर अभी कोई आदेश नहीं मिला है। पहले चरण में बीएस-2 और बीएस-3 वाहनों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और तीन माह बाद कार्रवाई शुरू होने की संभावना है।