मसूरी। एक निजी फर्म के संचालक ने ट्रांसपोर्ट कंपनी और उसके सहयोगियों पर करीब 51 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। इसमें 28 लाख रुपये के ट्रांसपोर्ट बिल में हेराफेरी और 23 लाख रुपये के माल की कमी शामिल है। कोर्ट के आदेश पर मसूरी थाने में तीन सितंबर को मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसीपी मसूरी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि उद्योग कुंज निवासी पुनीत सिंह की फर्म राजेंद्र गियर रोलिंग मिल उद्योग की मशीनरी का काम करती है। उन्होंने बताया कि सीआरएस लॉजिस्टिक कंपनी, संजय कुमार सिंघल और प्रवीण सिंघल पिछले आठ से दस साल से उनकी फर्म को ट्रांसपोर्ट सुविधा दे रहे थे। शुरुआत में कारोबार सामान्य रहा, लेकिन बाद में आरोपियों ने तय किराये से 20 से 30 फीसदी अधिक बिल लगाने शुरू कर दिए। बिलों का भुगतान होने के बाद हिसाब में यह अतिरिक्त रकम सामने आती थी। पुनीत सिंह और उनके पिता ने जब इस बारे में बात की तो आरोपियों ने जिम्मेदारी टाल दी। इस तरह कई वर्षों में करीब 28 लाख रुपये अधिक वसूल लिए गए। शिकायतकर्ता ने अन्य ट्रांसपोर्टरों से भी दरें लीं, इसमें सीआरएस लॉजिस्टिक का किराया काफी अधिक पाया गया। उन्हें दरें कम करने और छूट देने का आश्वासन दिया गया, लेकिन एक साल तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसीपी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर सीआरएस लॉजिस्टिक कंपनी, उसके संचालक संजय कुमार सिंघल और प्रवीण सिंघल के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।
माल में हेराफेरी का आरोप
वर्ष 2025 में पुनीत सिंह की फर्म ने कोलकाता की अमित मेटालिक्स कंपनी को सीआरएस लॉजिस्टिक के ट्रक से माल भेजा था। आरोप है कि माल पहुंचने में देरी हुई और चालक ने बिना पूरी जांच कराए जल्दबाजी में ट्रक खाली करा दिया। दस मार्च 2026 को अमित मेटालिक्स ने ईमेल कर बताया कि करीब 23 लाख रुपये कीमत का माल कम मिला है। पुनीत सिंह ने आरोपियों को कई ईमेल भेजे, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। माल और रुपयों का हिसाब मांगने पर संजय कुमार सिंघल ने उन्हें और उनके पिता को धमकाया।