कांवड़ यात्रा के चलते एक सप्ताह से चरमराई यातायात व्यवस्था सोमवार शाम से पटरी पर लौट आएगी। एनएच-58 के दोनों रूट वाहनों के लिए खोल दिए जाएंगे।
24 जुलाई से कांवड़ यात्रा के मद्देनजर रूट डायवर्जन कर मेरठ रोड पर भारी वाहन प्रतिबंधित किए गए थे जबकि हल्के वाहन (कार-बाइक) एक लेन में 28 जुलाई तक चलाए गए। शुक्रवार को वाहनों की तादाद बढ़ने पर दोनों रूट कांवड़ियों के लिए करने का एलान किया गया, हालांकि वन-वे पर दोपहिया वाहन दौड़ते रहे।
डायवर्जन के चलते नंदग्राम, हिंडन विहार आदि कालोनियों के करीब तीन लाख लोग पांच दिन से घरों में ‘कैद’ होने को मजबूर हैं। सोमवार शाम से उनकी परेशानी भी खत्म हो जाएगी।
साथ ही शहर के अंदरूनी मार्गों पर किया गया डायवर्जन भी खत्म हो जाएगा। बता दें कि जीटी रोड और हापुड़ चुंगी पर बैरिकेडिंग कर ट्रैफिक रोका हुआ है। एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार ने बताया कि हाईवे पर कांवड़ियों की संख्या कम होते ही बैरिकेडिंग हटाकर रूट खोल दिए जाएंगे।
आज-कल रहेगी जीटी रोड पर दिक्कत
रविवार और सोमवार शाम तक जीटी रोड पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। दरअसल, दूधेश्वरनाथ मंदिर में जल चढ़ाने के लिए कांवड़ियों का रेला हाईवे से धीरे-धीरे जीटी रोड, जस्सीपुरा मोड़, ठाकुरद्वारा फ्लाईओवर के आसपास लग जाएगा।
इससे जीटी रोड पर चौधरी मोड़ से घंटाघर की ओर जस्सीपुरा मोड़ तक, नया बस अड्डा से जस्सीपुरा मोड़ और गोशाला तिराहे तक जाने में दिक्कत होगी। डायवर्जन की वजह से किसी भी वाहन को दूधेश्वरनाथ मंदिर की ओर आने-जाने नहीं दिया जा रहा है।