दिशा की बैठक में सांसद सहित जनप्रतिनिधियों ने शहर में जाम और प्रदूषण का मुद्दा उठाया। लोनी में
गाजियाबाद। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में शहर का जाम और वायू- जल प्रदूषण मुख्य मुद्दा रहा। मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में सांसद और जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) के अध्यक्ष अतुल गर्ग ने शहर के जाम को कम करने के लिए आवश्यक उपाय करने के लिए कहा। इसके अलावा लोनी क्षेत्र में जींस रंगाई फैक्टरियों से होने वाले भूगर्भ जल प्रदूषण पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा दूधेश्वरनाथ कॉरिडोर के कार्य में तेजी लाने के लिए भी कहा गया।
जनप्रतिनिधियों ने अवगत कराया कि लोनी क्षेत्र में जींस रंगाई फैक्टरियां रंग और केमिकल वाला दूषित जल सीधे भूगर्भ जल में डाल रही हैं। इससे पानी दूषित हो रहा है। इस मुद्दे पर सांसद अतुल गर्ग ने कहा कि जल एवं भूगर्भ जल को दूषित करने वालों के खिलाफ टीम बनाकर अभियान चलाया जाएं और सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों ने नेशनल हाईवे पर लगने वाले जाम और सड़क दुर्घटनाओं के बारे में बताते हुए इनपर अंकुश लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। हाइवे कट से पहले साइन बोर्ड लगाने के भी प्रस्ताव दिए। ताकि लोगों को भटकना न पड़े। इसके अलावा पानी की टंकियों की मरम्मत कराने की बात कही गई। जल निगम ने बताया कि जल निगम ने बताया कि पानी की टंकियों की मरम्मत और देखरेख का कार्य नगर पंचायत व नगर पालिका परिषद का होता है। उन्होंने जीएसटी विभाग निर्देश दिया कि वह ईमानदारी से और सहानूभूतिपर्वक कार्य करें। नगर निगम को डॉग सेल्टर के कार्य में गति लाने, डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। इस दौरान बागपत के सांसद राजकुमार सांगवान, महापौर सुनीता दयाल, जिला पंचायत अध्यक्ष ममता त्यागी, सदर विधायक संजीव शर्मा, मुरादनगर विधायक अजीतपाल त्यागी, लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर, धौलाना विधायक धर्मेश तोमर सहित जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़, परियोजना निदेशक प्रदीप पांडे सहित अन्य सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।