गाजियाबाद के रामानुज दयाल मार्केट में नगर निगम के कथित दोहरे नियमों के खिलाफ व्यापारियों का आंदोलन तेज हो गया है। 30 सितंबर को होने वाली आम बैठक में शहरव्यापी आंदोलन, बाजार बंदी और निगम मुख्यालय घेराव की रणनीति तय होगी।
गाजियाबाद में रमतेराम रोड स्थित रामानुज दयाल मार्केट में नगर निगम प्रशासन की मनमानी के खिलाफ चल रहा व्यापारियों का धरना-प्रदर्शन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। निगम अधिकारियों की अनदेखी से आक्रोशित व्यापारियों ने आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया है। इसी कड़ी में बुधवार (30 सितंबर) को मार्केट परिसर में एक विशाल आम बैठक बुलाई गई है, जिसमें गाजियाबाद शहर भर के प्रमुख व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
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रामानुज दयाल मार्केट कमेटी के नेतृत्व में आयोजित होने वाली इस आम बैठक में आंदोलन को उग्र रूप देने और आगामी रणनीति तय करने पर अंतिम मुहर लगेगी। बैठक में प्रमुख रूप से व्यापारी नेता महेश मित्तल, संजय शर्मा, राकेश गुप्ता, अमित अग्रवाल और प्रवीण गर्ग सहित शहर के कई वरिष्ठ व्यापारी प्रतिनिधि शामिल होंगे।
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व्यापारी नेताओं का स्पष्ट कहना है कि नगर निगम प्रशासन बाजार में दोहरे नियम लागू कर दुकानदारों का आर्थिक उत्पीड़न कर रहा है। मार्केट के डी ब्लॉक में संपत्तिकर लिया जा रहा है, जबकि बी और सी ब्लॉक की करीब 200 दुकानों पर जबरन भारी किराया थोपा जा रहा है। एक ही बाजार के भीतर नियमों में इस तरह का भेदभाव किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राष्ट्रीय व्यापार मंडल के वरिष्ठ व्यापारी नेता महेश मित्तल ने कहा, "नगर निगम प्रशासन व्यापारियों की धैर्य की परीक्षा न ले। एक ही बाजार में दोहरे मापदंड अपनाकर दुकानदारों को प्रताड़ित किया जा रहा है। यदि बी और सी ब्लॉक पर थोपे गए किराये के आदेश को निरस्त कर संपत्तिकर लागू नहीं किया गया, तो कल की बैठक में शहरव्यापी आंदोलन की घोषणा की जाएगी।"
व्यापारियों ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आम बैठक में बाजार पूर्णतया बंद रखने, नगर निगम मुख्यालय का घेराव करने और तालाबंदी जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे। जब तक समाधान नहीं होता, संघर्ष जारी रहेगा।