जो देश आतंकवाद के समर्थन में हो, उससे किसी भी तरह का नाता रखना मतलब आतंक का साथ देना
फ्रूट कंपनी एमकेसी के संचालक हाजी शादाब ने बताया कि उनकी दुकानें साहिबाबाद मंडी के साथ ही आजादपुर मंडी में भी है। वह तुर्किए का सेब मुंबई से मंगवाते थे। आजादपुर मंडी में बहुतायात मात्रा में तुर्किए का सेब आता है जबकि साहिबाबाद सब्जी मंडी में 10 से 15 व्यापारी ही यह सेब अपने यहां रखते हैं। हाजी शादाब का कहना है कि जो देश आतंकवाद के समर्थन में हो, उससे किसी भी तरह का नाता रखना मतलब आतंक का साथ देना है। ऐसे में सभी व्यापारियों ने इसके सेब का बहिष्कार किया है।
तुर्किए के साथ कोई व्यापार नहीं
वहीं अन्य व्यापारी वसीम अकरम, मोहम्मद आरिफ और नूरमोहम्मद का कहना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच तुर्किए द्वारा पाकिस्तान को समर्थन दिए जाने के बाद सभी ने यह फैसला लिया है। सबने तुर्किए के साथ कोई व्यापार नहीं करने की बात कही है। व्यापारियों का कहना है कि हिमाचल और कश्मीर से सेब की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में हो सकती है। सरकार तुर्किए से आने वाले सभी उत्पादों पर प्रतिबंध लगाए। साथ ही उनका सुझाव है कि भारतीय किसानों को फल उत्पादन के लिए सब्सिडी दी जाए। इससे देश में फलों की पैदावार बढ़ेगी और आयात पर भी निर्भरता कम होगी।
साहिबाबाद सब्जी मंडी में हर दिन आती है 1000 सेब की पेटी
फल के बड़े व्यापारी हाजी शादाब का कहना है कि साहिबाबाद सब्जी मंडी में प्रतिदिन तुर्किए के करीब एक हजार सेब की पेटी आती है। दस से पंद्रह व्यापारी यह फल अपनी दुकानों में रखते हैं। थोक में 50 से 60 रुपये किलों का यह सेब फुटकर में 200 रुपये किलो बिकता है। हाजी शादाब ने बताया कि तुर्किए का यह सेब आजादपुर मंडी में सीधे आता है, मुंबई की मंडियों में भी इसका सीधा आयात है। बहुत साहिबाबाद मंडी में आजादपुर मंडी व मुंबई के मंडी से ही यह सेब मंगाए जाते हैं।