अक्तूबर 2022 में चचेरे भाइयों भूपेंद्र और जगदीश की हत्या के आरोपी दिल्ली पुलिस के सिपाही और उसके भाई को उम्रकैद की सजा हुई है। प्रत्येक पर 1.43 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। उनकी मां को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है।
बुलंदशहर के सलेमपुर थाना क्षेत्र के गांव कैलावन में अक्तूबर 2022 में चचेरे भाइयों भूपेंद्र और जगदीश की हत्या के दो अभियुक्तों दिल्ली पुलिस के सिपाही तुषार व उसके भाई दुर्गेश को अदालत ने दोषी करार दिया है। दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
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साक्ष्यों के अभाव में दोषियों की मां को बरी कर दिया गया है। एक आरोपी के किशोर होने पर उसकी पत्रावली अलग कर दी गई थी। कैलावन निवासी नरेश प्रजापति ने दो अक्तूबर 2022 को सलेमपुर थाने पर तहरीर देकर बताया था कि उनका बेटा भूपेंद्र कुमार और भतीजा जगदीश उर्फ भूरा एक अक्तूबर को काली की शोभायात्रा देखने के लिए गए थे।
वापस नहीं आए तो खोजबीन की गई लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर दोनों की तलाश शुरू की। दो अक्तूबर को ही संभल जिले के रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव भोपतपुर के जंगल में एक सिरविहीन शव बरामद किया गया था।
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सलेमपुर थाना पुलिस ने मामले में चार अक्तूबर को गांव कैलावन निवासी आरोपी दीपांशु उर्फ दुर्गेश व उसके चचेरे नाबालिग भाई को पकड़ा था। पुलिस नेआरोपी दीपांशु, उसके भाई दिल्ली पुलिस के सिपाही तुषार और उनकी मां के खिलाफ रिपोर्ट की थी।
जांच पूरी कर पुलिस ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। अब एडीजे 14 व विशेष न्यायाधीश आवश्यक वस्तु अधिनियम धीरेंद्र कुमार तृतीय के न्यायालय ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर दीपांशु व तुषार को दोषी करार दिया है। उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 1.43 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। उनकी मां को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया है।
हाईकोर्ट जाएगा पीड़ित पक्ष
मामले के वादी व मृतक भूपेंद्र के पिता नरेश प्रजापति पंचायत विभाग में सफाई कर्मी के पद पर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि न्यायालय ने दो अभियुक्तों की सजा सुनाई है। उनकी मां को बरी कर दिया गया है। उन्हें अभी अधूरा न्याय मिला है। वह आरोपी महिला को भी सजा दिलाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
संभल पुलिस ने बरामद किए थे दोनों के सिरविहीन शव
पुलिस ने पूछताछ की तो दोनों ने हत्या कर शव अनूपशहर गंगा पार संभल जनपद में फेंकने की बात बताई। इसके बाद पुलिस ने संभल के थाना रजपुरा के गांव भोपतपुर के निकट खेत से भूपेंद्र उर्फ भोलू का सिरविहीन शव बरामद किया था। दो अक्तूबर को संभल पुलिस की ओर से बरामद सिरविहीन शव की पहचान जगदीश के रूप में हुई। पुलिस ने इस मामले में दीपांशु के भाई दिल्ली पुलिस में तैनात तुषार शर्मा को भी गिरफ्तार किया था।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि उनकी मां के साथ आरोपी भूपेंद्र के संबंध थे। इसी के चलते उन्होंने हत्या की योजना बनाई। एक अक्तूबर को भूपेंद्र को अपने घर दावत पर बुलाया था। उसके साथ उसका चचेरा भाई जगदीश भी आ गया था। आरोपियों ने दोनों को शराब में नींद की गोली खिलाकर बेहोश किया। फिर दोनों के सिर पर ताबड़तोड़ कई वार कर हत्या कर दी।
आज तक बरामद नहीं हो सके दोनों के सिर
वारदात में मारे गए दोनों युवकों भूपेंद्र और जगदीश के सिरों को पुलिस अब तक बरामद नहीं कर पाई है। उसी दौरान गोताखोरों की मदद से कई दिनों तक सर्च अभियान चलाया गया था लेकिन सफलता नहीं मिली थी। परिजनों ने बिना सिर के ही अपने बच्चों का अंतिम संस्कार किया था।
सिर को गंगा नदी में फेंककर आरोपियों ने स्नान भी किया
तीनों आरोपियों ने मां की मदद से दोनों के शवों को कार से संभल के गांव भोपतपुर के पास पहुंचे। पहले भूपेंद्र के शव को खेत में ले जाकर गडासे से सिर को अलग कर सिर थैले में रख लिया। शव को वहीं छोड़ दिया। कुछ दूरी पर जाकर जगदीश के शव को भी फेंक दिया और उसका भी सिर धड़ से अलग कर थैले में रख लिया। बाद में दोनों के सिर को गंगा नदी में फेंककर आरोपियों ने गंगास्नान भी किया था।