रमते राम रोड पर नगर निगम के खिलाफ धरना देते व्यापारी। संवाद
गाजियाबाद। रमतेराम रोड स्थित रामानुज दयाल मार्केट के व्यापारियों ने किराया लगाए जाने के विरोध में बुधवार से नगर निगम के खिलाफ धरना शुरू कर दिया। व्यापारियों का आरोप है कि बी और सी-ब्लॉक के करीब 200 दुकानदारों पर किराया लगाया गया है, जबकि डी-ब्लॉक के व्यापारियों से संपत्ति कर लिया जा रहा है। व्यापारियों ने 30 सितंबर तक रोजाना सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक धरना देने का निर्णय लिया है। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर आगे के आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
धरने को संबोधित करते हुए कोषाध्यक्ष महेश मित्तल ने कहा कि नगर निगम रामानुज दयाल मार्केट के व्यापारियों के साथ दोहरा व्यवहार कर रहा है। डी-ब्लॉक के व्यापारियों से संपत्ति कर वसूला जा रहा है, जबकि बी और सी-ब्लॉक के 200 से अधिक दुकानदारों पर किराया लगाया गया है। व्यापारियों के अनुसार, यह किराया संपत्ति कर से कई गुना अधिक है। इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने किराया लगाए जाने को नियम विरुद्ध बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
व्यापारियों ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। सर्वसम्मति से तय किया गया कि 30 सितंबर तक रोजाना दो घंटे धरना दिया जाएगा। इसके बाद भी मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। धरने में अध्यक्ष संजीव कुमार, प्रमोद गुप्ता, अजय गर्ग, मनोज जैन, अरविंद कुमार, पंकज, विनय मिश्रा, हार्दिक गर्ग, प्रदीप शर्मा, देवेंद्र गुप्ता समेत अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
उधर, व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अनिरुद्ध सिंह से मुलाकात की। व्यापारियों ने बी और सी-ब्लॉक में संपत्ति कर व्यवस्था लागू करने की मांग रखी। अनिरुद्ध सिंह ने इस संबंध में समय मांगा। उन्होंने बताया कि व्यापारियों का प्रस्ताव दो बार बोर्ड बैठक में खारिज हो चुका है। ऐसे में फिलहाल इस मामले में कुछ कहना संभव नहीं है।