मेरठ-गाजियाबाद रोड स्थित हिंडन विहार में बुधवार की सुबह कबाड़ के गोदाम में रखे ऑक्सीजन सिलिंडर से जहरीली गैस का रिसाव होने के चलते अचानक आसपास रहने वाले लोगों की तबीयत बिगड़ गई। लोगों ने शिकायत की तो संचालक हाजी सलीम मलिक और उसका बेटा आदिल मलिक गोदाम बंद करके नौकरों सहित भाग गए। मौके पर पहुंची दमकल विभाग की टीम ने मास्क लगाकर गोदाम व उसके बाहर के क्षेत्र को पानी की बौछार करके सैनिटाइज किया। नंदग्राम पुलिस ने तीन अलग-अलग अस्पतालों में 15 लोगों को भर्ती कराया। पड़ोसी मोहम्मद जैद सैफी ने आरोपी गोदाम संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
एसीपी पूनम मिश्रा ने बताया कि जांच में सामने आया है कि हिंडन विहार स्थित हाजी सलीम मलिक के कबाड़ के गोदाम में सुबह करीब नौ बजे नौकर प्लास्टिक और लोहे के सामान को अलग-अलग करने में जुटे थे। इसी दौरान वहां पड़े व्यावसायिक ऑक्सीजन सिलेंडर का वॉल्व एक युवक खोलने लगा। इसी सिलेंडर से अचानक जहरीली गैस का रिसाव हुआ। युवक ने उसे मौके पर खुला ही छोड़ दिया और मालिक से शिकायत की। जहरीली गैस का रिसाव होते ही आसपास के लोगों को स्वांस लेने में परेशानी होने लगी और कुछ लोगों को उल्टी और चक्कर आने लगे। आसपास के लोग शिकायत करने गोदाम पर पहुंचे तो संचालक ने उन्हें धमकाकर भगा दिया। इससे नाराज आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और हंगामा शुरू कर दिया।
ऐसे में आरोपी संचालक गोदाम बंद करके मौके से भाग गया। सूचना पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गोदाम पर लगे ताले तोड़कर पानी की बौछारें कर घटनास्थल को सैनिटाइज किया। इस बीच हवा में घुली जहरीली गैस से एक के बाद एक करीब 25 लोगों की तबीयत खराब हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने इनमें 15 लोगों को सेंट जोसेफ, मेट्रो और जिला एमएमजी अस्पताल पहुंचाया।
गोदाम के सामने रहने वाले जैद सैफी ने बताया कि उनके भाई जुनैद को पटेल नगर स्थित मेट्रो लाइफ अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। कई लोगों को अस्पतालों से दो-तीन घंटे बाद छुट्टी दे दी गई थी। एसीपी पूनम मिश्रा ने बताया कि मोहम्मद जैद की तहरीर पर गोदाम संचालक हाजी सलीम मलिक व अन्य के खिलाफ बीएनएस के अंतर्गत जानलेवा बीमारी फैलने की आशंका की धारा 271, जानबूझकर बीमारी फैलाने की धारा 272, नियमों का उलंघन करने की धारा 273, जहरीले पदार्थ संरक्षण में लापरवाही बरतने की धारा 286, दूसरों के जीवन को खतरे में डालने की धारा 125 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत नियमों का उलंघन करने की धारा 15 में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
ये लोग कराए गए भर्ती
जहरीली गैस की चपेट में आकर बीमार हुए बाबू खान, मोइनुद्दीन, प्रेमचंद, मन्नू, नफीसा और उनकी बेटी आयशा, शादाब और उनके बेटे इरफान, तीन भाई सलीम, चांद मोहम्मद और इनामुल रहमान, जुनैद और माता प्रसाद समेत 15 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनके अतिरिक्त कई अन्य लोगों को भी अस्पताल ले जाया गया था। उन्हें एक-दो घंटे निगरानी के बाद छुट्टी दे दी गई।
बहुत पुराना था सिलिंडर
पुलिस के अनुसार गोदाम में जिस सिलिंडर से गैस का रिसाव हुआ, वह बहुत पुराना था। वह ऑक्सीजन या एसिटिलीन गैस से भरा था। सिलिंडर पर कोई मार्का या नंबर भी नहीं है और वह जर्जर हालत में है। वॉल्व को अलग करने के प्रयास में उससे गैस का रिसाव होने लगा। फोरेंसिक टीम ने गोदाम से जांच के लिए कुछ नमूने भरे हैं।
घरों में दुबके लोग
जहरीली गैस का रिसाव होने की सूचना पर आसपास के लोग खिड़की दरवाजे बंद कर घरों में दुबक गए। बच्चों और बुजुर्गों को कमरे में बंद कर उनकी सुरक्षा की गई। घरों में कैद लोगों ने फोन पर अपने-अपने परिचितों को हिंडन विहार न आने की सलाह दी। जहरीली गैस के रिसाव से काॅलोनी और आसपास के क्षेत्र में लोगों में दिनभर घबराहट रही।
डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि कबाड़ के गोदाम में पुराने और जर्जर हालत में रखे ऑक्सीजन सिलिंडर से गैस रिसाव होने से अचानक बीमार हुए 14-15 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ मरीजों को शाम को ही डिस्चार्ज कर दिया गया है। आरोपी संचालक और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।