थाना क्षेत्र स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा में कार्यरत वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक प्रवीण कुमार ने नकली सोना गिरवी रखकर 41.90 लाख रुपये का ऋण लेने का आरोप लगाकर दो खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। ऋण लेने का आरोप दक्षिणी दिल्ली के नूरनगर निवासी मोहम्मद मुख्तार और हापुड़ बाजार स्थित मोहम्मद अरशद पर है। बैंक की तरफ से अधिकृत गुरुग्राम के औद्योगिक क्षेत्र परिसर निवासी सराफा कारोबारी हरकेश वर्मा पर सोने का सत्यापन करने और गाजियाबाद के न्यू पंचशील कॉलोनी निवासी पंकज वर्मा पर गलत मूल्यांकन का आरोप है। पुलिस ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बैंक अधिकारी प्रवीण कुमार ने दर्ज मुकदमे में बताया कि बैंक में सोना बंधक रकखर मोहम्मद मुख्तार ने 41.42 लाख रुपये का ऋण लिया था। दोनों ने सोने को हॉल मार्क 22 कैरेट का बताया था। सोने का मूल्यांकन सराफ कारोबारी हरकेश वर्मा ने किया और पंकज वर्मा ने उसकी कीमत का मूल्यांकन। बताया कि जब बैंक में बंधक संपत्ति का ऑडिट किया गया, तब पता चला कि सोना नकली था। इसके बाद उन्होंने जांच की तब सामने आया कि सोने का सत्यापन व मूल्यांकन भी फर्जी था। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। बैंक से संबंधित मामले के दस्तावेज व बंधक सोने के मूल्यांकन के दस्तावेज भी मांगे गए हैं। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।