शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत गरीब बच्चों को दाखिला नहीं देना दो स्कूलों को भारी पड़ सकता है। बीएसए की ओर से सत्यापित करने के बावजूद बच्चों को आईटीई के तहत दाखिला देने से दो बड़े निजी स्कूलों ने मना कर दिया।
अभिभावकों की शिकायत पर बीएसए की ओर से स्कूलों को जारी किए गए नोटिस का भी प्रबंधन ने जवाब नहीं दिया। बीएसए ने कार्रवाई की संस्तुति के लिए फाइल डीएम को दे दी है।
डीएम की ओर से इस बाबत अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बीएसए डा. प्रवेश यादव ने बताया कि नए शासनादेश के तहत बेसिक शिक्षा विभाग से सत्यापित बच्चों का दाखिला पब्लिक स्कूलों में होना है।
उनकी ओर से अब तक 192 बच्चों का सत्यापन आरटीई के तहत दाखिले के लिए हो चुका है। कुछ अभिभावकों ने डीडीपीएस गोविंदपुरम और डीपीएस सिद्धार्थविहार प्रबंधन द्वारा दाखिले से इंकार करने की शिकायत की।
अभिभावकों की शिकायत पर स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। स्कूलों ने नोटिस का अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। ऐसे में इन स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मान्यता रद्द की जा सकती है। कार्रवाई की संस्तुति संबंधी फाइल डीएम के पास गई हुई है। इस मामले में डीएम ही अंतिम फैसला लेंगे।