विवाह समारोह के दौरान हंसते - मुस्कुराते लोग, नाच - गाना और इधर से उधर बच्चों की दौड़भाग। तभी आतंकवादी हमले में कई जगहों पर एक साथ बम धमाके हुए, सैकड़ों लोग घायल हो गए। हर तरफ कोहराम मच गया। ये कोई सच्ची घटना नहीं है, बल्कि सिविल डिफेंस के स्थापना दिवस पर रविवार को आयोजित मॉक ड्रिल का दृश्य है।
कविनगर रामलीला मैदान में आयोजित मॉक ड्रिल में बताया गया कि किस तरह आतंकी हमले के दौरान सिविल डिफेंस जल्द से जल्द प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराते हुए लोगों की जान बचाएगी।
मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक और नागरिक सुरक्षा उत्तर प्रदेश के महानिदेशक आरएन सिंह, विशिष्ट अतिथि डीएम निधि केसरवानी, एसएसपी दीपक कुमार की मौजूदगी में मॉक ड्रिल और मार्च पास्ट हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण के साथ ही कबूतरों और गुब्बारों को आसमान में उड़ाकर किया गया। मॉक ड्रिल में नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों ने भूकंप, आतंकवादी हमले और हवाई हमले से बचाव का प्रदर्शन किया।
आग लगने पर बचाव, घायलों को रस्सी के स्ट्रेचर की सहायता से बाहर निकालने और प्राथमिक उपचारों के बारे में बताया गया। बताया गया कि पेट्रोल की आग को हमेशा रेत और लकड़ी की आग को पानी से बुझाना चाहिए।
बच्चों ने सरस्वती वंदना और देशभक्ति गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किया। मार्च पास्ट में पीएसी, होम गार्ड्स, एनसीसी कैडेट्स, सरस्वती शिशु मंदिर के बैंड सहित विभिन्न संस्थाओं सहित स्कूलों और कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
इस मौके पर एसपी सिटी सलमान ताज, राजेश पांडे सहित चीफ वार्डन ललित जायसवाल, जसवंत सिंह, नीरज भटनागर, डिविजनल वार्डन आर प्रीतम लाल, निदेश अग्रवाल, गोपाल बंसल, केपी सिंह और डिप्टी चीफ वार्डन अनिल अग्रवाल मौजूद रहे।