तीन तलाक के विरोध में आवाज उठाने वाली कैला भट्टा की मुस्लिम महिला के धर्मांतरण का कार्यक्रम रविवार को प्रशासन ने रुकवा दिया। एसडीएम और पुलिस की टीम दोपहर में राजनगर स्थित आर्य समाज मंदिर पहुंची और कार्यक्रम पर रोक लगा दी।
एसडीएम ने कहा कि जब तक कि सिटी मजिस्ट्रेट के सामने महिला के बयान नहीं हो जाते हैं, तब तक धर्मांतरण का कार्यक्रम नहीं होगा। जल्द ही सिटी मजिस्ट्रेट के सामने महिला के धारा 164 के तहत बयान होंगे।
जय शिव सेना की ओर से आर्य समाज मंदिर राजनगर में विधिवत रूप से धर्मांतरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया लेकिन पुलिस प्रशासन का कहना है कि पहले महिला के बयान होंगे, उसके बाद ही धर्म परिवर्तन किया जा सकता है।
इसलिए कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। दोपहर से लेकर शाम तक मंदिर के बाहर पुलिस तैनात रही। जय शिव सेना के सदस्यों के साथ इस दौरान पुलिस की बहस भी हुई।
जय शिव सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित आर्यन ने बताया कि जब इस मामले में किसी ने शिकायत नहीं की थी तो बयान की जरूरत नहीं थी लेकिन अगर प्रशासन चाहता है कि महिला का बयान हो तो हम बयान कराने के लिए तैयार हैं। इसके साथ ही प्रशासन से महिला की सुरक्षा की मांग भी की गई है।
गौरतलब है कि कैला भट्टा की रहने वाली इस महिला का विवाह 2006 में हुआ था, जिसके बाद उसके पति ने गुस्से में तलाक दे दिया था। बाद में अपनी गलती मानते पति ने दोबारा निकाह करने की इच्छा जाहिर की।
इस पर पति के ही एक दोस्त के साथ महिला का हलाला कराया गया। हलाला के बाद जब वह पति के पास जाने पर उसके निकाह से इंकार कर दिया। महिला का आरोप है कि पति ने उसके साथ गलत काम किया और वह तब से लगातार यातनाएं झेल रही है।