पानी नहीं होगा बर्बाद, निगम के ट्यूबवेलों पर लगेंगे टाइमर
गाजियाबाद। ट्यूबवेल के जरिए सप्लाई होने वाले पानी की बर्बादी को रोकने के लिए नगर निगम ने नए प्लान पर काम शुरू कर दिया है। महानगर में नगर निगम की ओर से 192 ट्यूबवेल के जरिए घरों में पानी की डायरेक्ट सप्लाई की जाती है। अब निगम पानी की बर्बादी रोकने के लिए ट्यूबवेल पर टाइमर लगाएगा। टाइमर लगने से घरों में सुबह शाम दो से तीन घंटे पानी की सप्लाई की जाएगी। ऐेसे में दिनभर ट्यूबवेल के चलने, उनके खराब होने और पानी के बर्बाद होने की समस्या पर अंकुश लगाया जा सकेगा।
महानगर में नगर निगम की ओर से 10 से 30 हॉर्स पावर के ट्यूबवेल के जरिए पानी की सप्लाई की जाती है। सीमित क्षेत्रों में ओवरहेड टैंक होने से अधिकांश में नगर निगम ट्यूबवेल के जरिए डायरेक्ट सप्लाई करता है। विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही के चलते डायरेक्ट सप्लाई में कई बार दिनभर पानी की सप्लाई होने और उसके बर्बाद होने की कई शिकायतें नगर निगम को मिली हैं। दूसरी ओर ट्यूबवेल चलने की कोई समयसीमा निर्धारित नहीं होने से नई समस्या खड़ी हो रही थी। निगरानी के अभाव में लगातार चलने के कारण टयूबवेल के खराब होने की समस्या भी सामने आई।
दूसरी ओर महानगर के सीमित क्षेत्रों में ही ओवरहेड टंकियों के जरिए पानी की सप्लाई हो रही है। वहीं, जनसंख्या के हिसाब से ओवरहेड टंकियों की क्षमता अब कम पड़ने लगी है। नगर निगम को मांग अधिक होने के चलते कई बार ट्यूबवेल के जरिए ओवरहेड टंकियों को भरना पड़ता था। समस्या का स्थायी समाधान करने के उद्देश्य से नगर निगम ने नई व्यवस्था को लागू करने का निर्णय लिया है। ट्यूबवेल पर टाइमर लगने से अब निर्धारित समय में ही पानी की सप्लाई को सुनिश्चित हो सकेगी। साथ ही दिनभर ट्यूबवेल के चलने और पानी के बर्बाद होने की समस्या पर अंकुश लग जाएगा। नगर निगम मुख्य अभियंता मोइनुद्दीन खान ने बताया कि पानी की बर्बादी रोकने के उद्देश्य से ट्यूबवेल पर टाइमर लगाने का निर्णय लिया गया है।