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‘ठग कंपनी’ पर कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन

Fri, 03 Feb 2017 10:39 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला साहिबाबाद
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ऑनलाइन ट्रे‌िडडिंग - फोटो : demo pic
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3700 करोड़ की ऑनलाइन ठगी मामले में एक तरफ जहां लोगों को अपने लाखों रुपये डूबने की फिक्र सता रही है, वहीं सैकड़ों लोग कंपनी के समर्थन में उतर आए हैं। शुक्रवार को सैकड़ों निवेशक आरडीसी स्थित कंपनी केऑफिस पहुंचे और एसटीएफ की कार्रवाई को गलत बताया। वहीं, वैशाली में भी निवेशकों ने कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया।
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आरडीसी पहुंचे खोड़ा के लक्की तोमर का कहना था कि वह बीटेक स्टूडेंट है। उसने चार आईडी पर करीब 1.60 लाख रुपये लगाए हुए थे। उसे लगातार रुपये मिल रहे थे। मेरठ से आए विष्णु मिश और प्रवीण का कहना था कि उन्होंने भी 57 हजार 500 रुपये वाली दो-दो आईडी ली हुई हैं, उनके भी रुपये मिल रहे हैं।

लालकुआं निवासी शिवम ने एक आईडी ली हुई थी, उसका भी यही कहना है कि उसे कंपनी की तरफ से लगातार भुगतान हो रहा था। कंपनी के ऑफिस पहुंचे लोगों ने एसटीएफ की कार्रवाई को गलत बताते हुए कंपनी का सपोर्ट करने और पैसे वापस मिलने की बात कही।
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उधर, वैशाली के अंबेडकर पार्क में कंपनी के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग जुटे और जमकर नारेबाजी की। कंपनी से जुड़े बीपी यादव ने बताया कि कंपनी से जुड़े करीब सात लाख यूजर्स में गाजियाबाद के ही करीब एक लाख युवा और गृहणियां हैं। कंपनी ने उन लोगों को रोजगार का अवसर दिया, जो बेरोजगार हैं।

कंपनी विज्ञापन की उसी तकनीक पर काम कर रही है जिस पर फेसबुक और गूगल करते हैं। अलग-अलग कंपनियों से एड लेकर अपनी वेबसाइट पर डाले जाते हैं। एड के लिए कंपनियां रुपये देती हैं, जिसे यूजर्स में बांटा जाता है। कंपनी यूजर्स को किसी भी तरह की रुपये लौटाने की गारंटी नहीं देती। सिर्फ बिजनेस के आधार पर ही शेयर देने का दावा किया जाता है।

बिजनेस पर कंपनी लाखों रुपये का सर्विस टैक्स भी देती है। इसके बावजूद कंपनी को गलत बताकर संचालकों पर कार्रवाई किया जाना अनुचित है। आरोप है कि शिकायतकर्ता यूपी पुलिस में ही तैनात है, जिसके दबाव में आकर पुलिस ने कार्रवाई की है। लोगों ने चेतावनी दी कि अगर संचालकों को नहीं छोड़ा जाता तो वे सड़कों पर प्रदर्शन करेंगे।

इस दौरान अंशु सिंघल, नीति कपूर, तुषार शुक्ला, सचिन कपूर, दीवान सिंह नेगी, श्रीकिशन गुप्ता, पंकज रावत, बिट्टू समेत बड़ी संख्या में युवक और महिलाएं मौजूद रहीं।    
लोग बोले, उन्हें मिला घर बैठे रोजगार    

पति की मौत के बाद घर चलाना मुश्किल था मगर सोशल ट्रेडबिज ने उन्हें घर बैठे रोजगार प्राप्त करने का अवसर दिया। मगर कुछ लोगों की वजह से परेशानी उन्हें उठानी पड़ेगी।
- रीमा अग्रवाल, वैशाली    

कंपनी ने हजारों बेरोजगार युवाओं को एक रोजगार के साथ ही डिजिटल मार्केटिंग को भी नई दिशा दी है। अगर उनकी कंपनी गलत है तो फेसबुक और गूगल जो करते हैं, वह भी गलत है। - भानू प्रताप, वसुंधरा    
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