उन्होंने आरोप लगाया कि पीआरवी पर तैनात तीन पुलिसकर्मी वहां पहुंचे। उन्होंने उनको थाने ले जाने की बजाय इधर-उधर घुमाया। उनको झूठी सूचना देने की बात कहते हुए जेल जाने की धमकी दी गई और 15000 रुपये उनसे ले लिए गए। उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस आयुक्त रविंद्र जे गौड़ से की थी।
पुलिस आयुक्त ने इसकी जांच के आदेश दिए। आरोपों की पुष्टि होने पर तीनों पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करने के आदेश दिए गए। इस बारे में डीसीपी नगर धवल जायसवाल ने बताया कि जांच के बाद हेड कांस्टेबल नितिन व अशोक और चालक कांस्टेबल शुभम को सस्पेंड किया है।
वहीं, तालिब द्वारा मारपीट करने, भुगतान न करने और रुपये व मोबाइल छीनने के आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। जांच पूरी होने पर रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई होगी। जांच में पता चला कि पीआरवी पर तैनात पुलिस कर्मियों ने नियमानुसार अपनी ड्यूटी का पालन नहीं किया। उन्हें सूचनाकर्ता को थाने पर ले जाना चाहिए था।