वाहनों से दूषित हो रहे वातावरण को परिवहन विभाग गंभीरता से ले रहा है। विभाग इसके लिए कड़े नियम लागू कर रहा है। दिल्ली की ही तरह अब एनसीआर में भी प्रदूषण सर्टिफिकेट तीन महीने तक ही मान्य होगा।
अभी तक यह छह महीने तक मान्य होता था। नए नियम के अनुसार बिना प्रदूषण सर्टिफिकेट वाले वाहन को अब सिर्फ चालान काटकर नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि उसे सीज कर दिया जाएगा।
एआरटीओ प्रवर्तन शेर सिंह यादव के अनुसार बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते अब वाहन मालिकों को प्रदूषण नियंत्रण का प्रमाणपत्र छह महीने की बजाय प्रत्येक तीन महीने तक बनवाना होगा। दिल्ली में पहले से ही इसकी मान्यता तीन महीने की है।
इसके साथ ही वाहनों केप्रदूषण की ऑनवे चेकिंग भी कराई जाएगी। कोई वाहन प्रदूषण फैलाता मिलता है तो उसका संचालन कुछ दिन के लिए सस्पेंड भी किया जा सकता है।
ऐसे में वाहनों का प्रदूषण निरीक्षण जल्दी-जल्दी किया जाएगा, जिससे प्रदूषण को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी। बिना प्रमाण पत्र चलने वाले वाहनों को सीज करने का नियम मई से लागू करने की तैयारी है।