पिलखुवा-फरीदनगर मार्ग पर हुए बवाल के लिए भोजपुर पुलिस जिम्मेदार रही। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचना जरूरी नहीं समझा। आधे घंटे बाद जब तक पुलिस पहुंची तब तक लोग कई वाहनों में तोड़फोड़ कर चुके थे। बवालियों को देखकर लोग सहम गए।
बवाल शनिवार सुबह 11:30 बजे शुरू हुआ। सड़क से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित खेत में 11 बजे गोवंश खेत में देखकर ग्रामीण भड़क गए और हाथों में डंडे लेकर सड़क पर आ गए। भीड़ ने वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। बताया जाता है कि मामले की सूचना पुलिस को दी गई थी। मगर पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।
वाहनों में तोड़फोड़ होती देख कुछ निजी वाहन चालक यूटर्न लेकर लौट गए। करीब 12 बजे मीडिया कर्मियों के फोन करने पर भोजपुर पुलिस ने सुध ली और करीब 12:30 बजे मौके पर पहुंची। तब तक कई वाहन क्षतिग्रस्त हो चुके थे। पुलिस ने लोगों से जाम खोलने और शांत होने की अपील की।
करीब सवा दो बजे गांव के मोअजिज लोग और सीओ देवेंद्र मिश्रा मौके पर पहुंचे। दो दिन में आरोपियों को पकड़ने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। सूत्रों का कहना है कि पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में भीड़ ने मेटाडोर में आग लगने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने उसे फौरन थाने पहुंचा दिया। करीब तीन बजे भीड़ शांत हुई।
भोजपुर पुलिस के विरुद्ध गुस्सा: ग्रामीणों ने बताया कि घटना स्थल के पास 24 घंटे पुलिस जिप्सी रहती है। इसके बावजूद घटना हो गई। आरोप है कि पुलिस दोपहिया वाहन चालकों से चालान के नाम पर उगाही में लगी रहती है।
टाइम लाइन
11:00 अव्वलपुर गांव के स्थित एक खेत में गोवंश मिला
11:30 पुलिस के न पहुंचने पर भड़के ग्रामीण, जाम लगाया
12:00 बस, मेटाडोर, कार और बाइक में कर चुके तोड़फोड़
12:30 सूचना पर भोजपुर पुलिस ने ली सुध, मौके पर पहुंची
01:00 पुलिस के समझाने पर न माने लोग, करते रहे हंगामा
02:15 आसपास के मौजिज लोग और सीओ मौके पर पहुंचे
02:30 दो दिन का आश्वासन देकर ग्रामीणों का कराया शांत
03:00 ग्रामीण दो दिन का अल्टीमेटम देकर हुए गांव रवाना
मामले में शांत कराने में ग्राम प्रधान अतरौली ओमपाल, दतैड़ी प्रधान विकास, वीरपाल, डा. परविंद्र समेत कई लोगों को सहयोग रहा।