प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘गोद लेेेने’ का मामला पतला के पूर्व चेयरमैन योगेंद्रपाल योगी के गले की फांस बन गया है। गाजियाबाद रजिस्ट्रार को प्रस्तुत हलफनामों में अपनी एक विवाहित पुत्री का नाम शामिल न करने पर अब योगी की पुत्री ने नाराजगी जताई है।
मेरठ निवासी अलका सिंह पत्नी सतेंद्र सिंह का कहना है कि उनके पिता योगेंद्रपाल योगी द्वारा गत दिनों पीएम मोदी को गोद लेने के संबंध में गाजियाबाद रजिस्ट्रार के समक्ष परिजनों के हलफनामे प्रस्तुत किए गए थे, जिनमें उन्होंने अपनी संतानों में तीन पुत्र और एक पुत्री को दर्शाया है।
अलका सिंह का कहना है कि पिता द्वारा प्रस्तुत हलफनामों में सार्वजनिक रूप से उनको अपनी पुत्री न दर्शाना, उनके लिए पीड़ादायक है और इससे उन्हें गहरा आघात पहुंचा है। वह यहीं नहीं रुकीं।
पिता पर अपनी भड़ास निकालते हुए उन्होंने कि एक तरफ उनके पिता प्रधानमंत्री को गोद लेकर समाज में अपनी राजनीतिक छवि उभारना चाहते हैं जबकि दूसरी तरफ दो पुत्रियों के पिता होने के बावजूद सिर्फ एक पुत्री को ही इकलौती पुत्री के रूप में दर्शाना उनकी मानसिकता को दर्शाता है।
अलका का कहना है कि वह पिता से पूछना चाहती हैं कि वह सार्वजनिक रूप से यह बताएं कि मैं किसकी बेटी हूं। बता दें की पिछले दिनों योगेंद्रपाल योगी ने प्रधानमंत्री मोदी को गोद लेने की बात कही थी और इससे संबंधित प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी, जिस पर शुक्रवार को उनकी बेटी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
अब इस मामले में योगी की बेटी की प्रक्रिया उनके गले की फांस बन गई है। इस संबंध में योगेंद्रपाल योगी ने फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।