इस बार हिंडन पर गंगा-यमुना का संगम होने जा रहा है। श्रद्धालु छठ पूजा के दौरान गंगा-यमुना और हिंडन इसी संगम में आचमन करेंगे। स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह जहां हिंडन में गंगाजल लेकर आ रहे हैं, वहीं गाजियाबाद की डीएम निधि केसरवानी ने हिंडन में यमुना का जल लाने की कवायद शुरू कर दी है।
इसके लिए उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को यमुना बैराज बंद करने के आदेश दिए हैं। गाजियाबाद में ऐसा पहली बार होगा, जब छठ पूजा के व्रती गंगा-यमुना के पवित्र जल में आचमन करेंगे।
सांसद वीके सिंह ने कुछ दिन पूर्व ही प्रेसवार्ता के दौरान वादा किया था कि छठ पूजा पर वह हिंडन में गंगाजल छुड़वा देंगे। बृहस्पतिवार आधी रात तक किसी को उम्मीद नहीं थी कि सांसद का वादा पूरा होगा, मगर आधी रात के बाद हरिद्वार से हिंडन के लिए चार हजार क्यूसेक जल छोड़ दिया गया।
बुलंदशहर के पास गंगनहर में मरम्मत कार्य जारी रहने की वजह से अभी जानी बैराज से आगे पानी नहीं छोड़ा जाएगा। शनिवार शाम तक यह गंगाजल जानी बैराज पहुंच जाएगा। इसके बाद वहां से हिंडन नदी में 2 हजार क्यूसेक गंगाजल छोड़ दिया जाएगा। छह नवंबर तक यह पानी गाजियाबाद तक पहुंच जाएगा।
उधर गंगाजल न आने की स्थिति में डीएम निधि केसरवानी पहले से ही अधिकारियों के साथ बैठक कर यमुना का पानी हिंडन में लाने की बात कर चुकी थीं। यह डीएम का ही प्रयास था कि यमुना बैराज से भी हिंडन में पानी लाने की मुहिम सफल होने जा रही है।
डीएम निधि केसरवानी का कहना है कि सिर्फ दो हजार क्यूसेक गंगाजल श्रद्धालुओं के लिए काफी नहीं होगा। ऐसे में हिंडन नदी के छठ घाट तक यमुना का पानी भी लाया जाएगा। इसके लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आदेश जारी कर दिया गया है।
टीएचए-नोएडा को करना होगा इंतजार
गंगनहर भले ही चालू कर दी गई हो, लेकिन नोएडा व टीएचए की कालोनियों को गंगाजल सप्लाई अभी नहीं मिलेगी। अपर गंगा कैनाल की डाउन स्ट्रीम में मरम्मत कार्य के चलते अभी जानी बैराज से आगे पानी नहीं छोड़ जाएगा।
यानी प्रताप विहार गंगाजल प्लांट को भी अभी गंगाजल नहीं मिलेगा। सिंचाई विभाग जानी से आगे निर्धारित तारीख 10 नवंबर को ही गंगाजल छोड़ेगा। इसके बाद करीब 24 घंटे बाद यह पानी गंगाजल प्लांट तक पहुंचेगा। यानी 12 नवंबर से ही टीएचए और नोएडा को गंगाजल सप्लाई मिलने की उम्मीद है।
अधिकारी बोले
अभी गंगनहर की मरम्मत का काम पूरा नहीं हुआ है। केवल छठ पूजा के लिए गंगनहर में 4 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। 10 नवंबर के बाद ही नहर को पूरी क्षमता पर चलाया जाएगा। गाजियाबाद गंगाजल प्लांट को इसके बाद ही पानी मिल सकेगा। - एसके शर्मा, चीफ इंजीनियर, सिंचाई विभाग