गाजियाबाद। नगर निकाय चुनाव से पहले इस बार निगम अपने क्षेत्र का दोबारा से परिसीमन करने जा रहा है। शहर में लगातार बढ़ रही जनसंख्या और निगम क्षेत्र में कुछ गांवों के बढ़ने से माना जा रहा है कि इस बार चुनाव 80 नहीं, बल्कि 100 से 110 वार्ड के लिए होगा।
2017 में होने वाले निकाय चुनाव से पहले ही परिसीमन का काम पूरा कर लिया जाएगा। गाजियाबाद की जनसंख्या लगातार बढ़ रही है। शहरी क्षेत्र में और भी बुरा हाल है। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो 2001 की जनगणना के अनुसार गाजियाबाद में कुल 32,89,540 लोग रह रहे थे।
जनसंख्या का यह आंकड़ा2011 में बढ़कर 46,61,452 तक जा पहुंचा। मेयर अशु वर्मा के अनुसार 2006 में हुए निकाय चुनाव में 2001 की जनगणना के आधार पर परिसीमन किया गया था। तब नगर निगम ने वार्ड की संख्या 60 से बढ़ाकर 80 कर दी थी।
अब एक बार फिर से वार्ड की संख्या बढ़ सकती है। मेयर अशु वर्मा का कहना है कि 2001 के मुकाबले अब जनसंख्या घनत्व तेजी से बढ़ा है। इसी केचलते परिसीमन की आवश्यकता आ पड़ी है।
उन्होंने बताया कि 2006 में जहां 8,55361 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था, वहीं 2011 में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 11,77276 हो गई थी। अब 2017 में आयोजित होने वाले मतदान में यह संख्या और बढ़ने जा रही है।
उन्होंने बताया कि जिस परिसीमन के हिसाब से इस बार इंदिरापुरम और वसुंधरा में भी दो-दो वार्ड बढ़ सकते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार नए परिसीमन में वार्डों की संख्या 100 से 110 तक हो सकती है।