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Ghaziabad News: फाॅर्म हाउस में मैदा और गोंद मिलाकर बढ़ा रहे थे काली मिर्च का वजन, रंग की भी मिलावट

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गाजियाबाद। जिले में मिलावट का ऐसा मामला सामने आया है जिसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। लोनी बॉर्डर के बेहटा हाजीपुर के फाॅर्म हाउस पर कम गुणवत्ता की काली मिर्च में गोंद और मैदा मिलाकर वजन बढ़ाते हुए पकड़ा गया। अधिकारियों का दावा है कि प्रदेश में इस प्रकार की मिलावट का यह पहला मामला है।
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सहायक आयुक्त सुरेश मिश्र ने बताया कि दिल्ली के बुद्ध विहार निवासी लोकेश गुप्ता फाॅर्म हाउस में यह मिलावट कर रहा था। मौके से करीब 1200 किलो छोटे दाने की काली मिर्च, 3000 किलो मैदा, 900 किलो गोंद, 975 किलो तैयार मिलावटी काली मिर्च समेत अन्य सामान बरामद हुआ है। बरामद माल की कीमत करीब 13.50 लाख रुपये है। मौके से सुखाने के दौरान निकला काला रंग भी मिला है। पांच सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
त्योहारी सीजन से पहले सक्रिय
पूछताछ में सामने आया कि लोकेश कम दाम में कंपनियों से रिजेक्ट काली मिर्च के दाने खरीदता था। फिर गोंद और मैदा का पेस्ट बनाकर उसमें डालता था। इससे गोंद व मैदा मिर्च के छिद्रों में चली जाती थी और वजन सवा गुना तक बढ़ जाता था। सुखाने के बाद इसे दिल्ली, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर समेत अन्य क्षेत्रों में सप्लाई कर रहा था। आरोपी ने बताया कि त्योहारों में मिर्च की डिमांड अधिक होती है, इसलिए बड़े पैमाने पर स्टॉक तैयार कर रहा था। हर दिन यहां से माल बाहर भेजा जा रहा था। विभाग अब सप्लाई चेन की जांच कर रहा है।
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हानिकारक रंग मिला रहे थे



कार्रवाई के दौरान टीम को सुखाने के लिए रखी गई काली मिर्च के नीचे काला रंग मिला। सहायक आयुक्त ने बताया कि मौके से रंग का पैकेट नहीं मिला, लेकिन रंग मिलाने के सबूत मिले हैं। रंग मिली काली मिर्च से पेट से जुड़ी बीमारियां और लंबे समय तक सेवन से एलर्जी हो सकती है। जमीन पर मिले रंग का सैंपल भी लिया गया है।

पपीते के बीज मिलाने का शक
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष राय ने बताया कि फैक्टरी में मिली मिर्च में पपीते के बीज मिलाने का भी शक है। पपीते के बीज काली मिर्च में मिलकर पता नहीं चलते। देखने पर मिलावट का अंदेशा लग रहा है, रिपोर्ट आने पर पुष्टि होगी। पपीते के बीज के सेवन से पेट की बीमारियों के साथ गर्भवती महिलाओं में गर्भपात का खतरा भी रहता है।


फास्टट्रैक पर होगी जांच



गंभीरता को देखते हुए पांचों सैंपल फास्टट्रैक जांच के लिए भेजे गए हैं। सहायक आयुक्त ने बताया कि फास्टट्रैक में रिपोर्ट एक सप्ताह में आ जाती है। प्रदेश में पहला मामला होने के कारण तेजी से कार्रवाई की जा रही है।



ऐसे करें पहचान



सहायक आयुक्त ने बताया कि गोंद या मैदा मिली काली मिर्च की जांच के लिए कुछ दाने पानी में डालें। पानी गाढ़ा या चिपचिपा हो तो मिलावट है। पपीते के बीज के लिए मिर्च को पानी में डालें, काली मिर्च नीचे बैठ जाएगी और बीज ऊपर आ जाएंगे। कच्चे दाने भी ऊपर आ सकते हैं, ध्यान से देखने पर असली मिर्च पर हल्की धारियां दिखेंगी।
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