दो फरवरी को स्थिर और साध्य योग में मनेगी वसंत पंचमी
वसंत पंचमी विद्या की देवी मां सरस्वती की अराधना का दिन है। इस बार दो फरवरी को सरस्वती पूजा मनाई जाएगी। प्राकृतिक रूप से वसंत पंचमी का बड़ा महत्व है क्योंकि इस पर्व से ही वसंत ऋतु की शुरुआत हो जाती है और सर्दी कम होने लगती है। पंडित शिव कुमार शर्मा ने इस वर्ष बसंत पंचमी दो फरवरी को मनाई जाएगी। इस दिन सुबह 9:14 बजे तक चतुर्थी तिथि है इसके बाद पंचमी तिथि आएगी। अगले दिन सूर्य उदय से पहले ही सुबह 6:52 तक ही पंचमी तिथि समाप्त हो जाएगी और सूर्योदय दिल्ली के अक्षांश के सुबह 7:12 बजे होगा।
इसलिए बसंत पंचमी का पर्व दो फरवरी को ही मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस दिन स्थिर योग और साध्य योग का संयोग बन रहा है। रविवार को उत्तराभाद्रपद नक्षत्र है जो स्थिर योग बना रहा है जो पूरे दिन रहेगा। वसंत पंचमी के दिन इन दोनों योग का महत्व है। इस दिन किया गया कोई भी कार्य सफलता को प्राप्त करता है और स्थिर रहता है। उन्होंने बताया कि सरस्वती पूजन के कई ज्योतिषीय लाभ हैं। कहते हैं कि जो व्यक्ति वसंत पंचमी पर मां सरस्वती की अराधना करता है उसे चंद्र, बृहस्पति, बुध और शुक्र के बुरे प्रभाव से मुक्ति मिलती है।