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कैश ट्रांसफर के और भी हैं तरीके

Thu, 01 Dec 2016 10:34 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
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डिजिटल मोड से पेमेंट शुरू करने - फोटो : demo pic
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केंद्र सरकार ने भले ही 500 व 1000 के नोट बंद कर दिए हैं, लेकिन कैश ट्रांसफर के लिए लोगों के पास कई आधुनिक  तरीके  भी हैं। जैसे पेटीएम या ई-वॉलेट से ई-पेमेंट करना या फिर डेबिट या क्रेडिट कार्ड से स्वैप मशीन के जरिए खरीदारी करना।

समय बदलने के साथ ही अब बाजार में अधिकांश दुकानदार स्वैप मशीन या पेटीएम से कारोबार कर कैश लेस सोसायटी की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।केंद्र सरकार का जोर है कि लोग कैश से कम और कैश लेस माध्यम से ज्यादा ट्रांजक्शन करें।  इससे न केवल लोगों को सहूलियत होगी बल्कि सरकार भी कालाबाजारी व काले धन के फ्लो पर रोक लगा सकेगी।
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नोट बंदी के बाद से जब कैश की कमी हुई तो लोगों ने आधुनिक साधनों का उपयोग करना शुरू कर दिया। पेटीएम, ई-वॉलेट, स्वैप मशीन से खरीदना और आसान है। हालांकि बुजुर्गों को भुगतान के इन तरीकों को अपनाने में दिक्कत पेश आ रही है।

- क्या है पेटीएम और कैसे करें इसका उपयोग
पेटीएम एक मोबाइल एप है। जिसका उपयोग बेहद ही सरल और सुविधाजनक है। सबसे पहले ग्राहक को अपने स्मार्टफोन में पेटीएम एप इंस्टॉल करके उसे आईडी और पासवर्ड डालकर लॉग-इन करना होता है। बैंक अकाउंट और एटीएम कार्ड का उपयोग करके पेटीएम अकाउंट के वॉलेट में रुपये ट्रांसफर करने होते हैं।

वैलेट में रुपये आने के बाद जिस दुकान पर खरीद करनी हो, उस दुकानदार के मोबाइल नंबर पर पेटीएम एप से रुपये ट्रांसफर किए जा सकते हैं। एप पर एक बारकोड स्कैन करने का ऑप्शन भी आता है। दुकानदार के पास मौजूद बारकोड को अपने मोबाइल फोन से स्कैन करके भी रुपये ट्रांसफर किए जा सकते हैं।

- ई-वॉलेट भी है फायदेमंद
कैश की कमी के दौरान ई-वॉलेट भी आपके लिए संजीवनी साबित हो सकता है। जिस बैंक में आपका खाता है, उस बैंक का मोबाइल एप उपयोग करके आप आसानी से ई-वॉलेट का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा ऑक्सीजन और अन्य कंपनियों का एप इंस्टॉल करके भी पेटीएम की तर्ज पर रुपये ट्रांसफर किए जा सकते हैं।
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- स्वैप मशीन
अधिकांश व्यापारियों ने बैंकों से स्वैप मशीन ले ली है। इससे उनका कारोबार और आसान हो गया है। अगर ग्राहक के पास डेबिट या क्रेडिट कार्ड है तो सामान खरीदने के बाद वह आसानी से पेमेंट कर सकता है। जितनी की खरीददारी होगी, उतने रुपये उनके एकाउंट से कट जाएंगे। आपको पर्स में कम से कम कैश रखने की जरूरत होगी।

- बोले लोग
- इंटरनेट बैंकिंग के अलावा भी कैश की जरूरत पड़ती है। यूथ अक्सर डेबिट या क्रेडिट कार्ड का ही उपयोग करते हैं।- शिवानी
- कैशलेस ट्रांजेक्शन अच्छा है, लेकिन घर में सभी लोग कैश देकर ही सामान खरीदते हैं। डिजिटल इंडिया बनने में समय लगेगा।- बुलबुल

- समय के साथ-साथ बहुत कुछ बदला है। अब बुजुर्ग लोग कहां से पेटीएम या ई-बैंकिंग करना सीखें। पुराना तरीका ही सही है। -चरनजीत
- ज्यादातर घरेलू महिलाओं को ई-बैंकिंग के बारे में पता नहीं होता। बच्चे ही कार्ड या अन्य तरीकों से खरीदने के लिए भुगतान करते  हैं। -रुचि कौशिक
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